विद्यार्थियों के पास मोबाइल नहीं, कुछ के समझ में नहीं आ रहे कंटेंट

6 से 9 तक के विद्यार्थियों का कंटेंट ही नहीं आ रहा

By: Aswani

Published: 18 Apr 2020, 08:42 AM IST

अश्वनी प्रतापसिंह

राजसमंद. लॉकडाउन में शुरू की गई ई-लर्निंग की पढ़ाई आधे से कम बच्चों को ही समझ में आ रही है। इसके कई कारण हैं। पत्रिका टीम ने इसकी हकीकत जानने के लिए अध्यापकों व अभिभावकों से फीडबैक लिया तो सामने आया है कि कई विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों के पास एंड्रोयड फोन नहीं है, जिनके पास है उनमें से कुछ ही उसका सही उपयोग करके पढ़ पा रहे हैं, जबकि कक्षा ६ से ९ तक के विद्यार्थियों का अभीतक कंटेंट ही नहीं आया। इससे वे विद्यार्थी पहले से ही इस पढ़ाई से अपने को वंचित मान रहे हैं।


यह आ रही मुख्य समस्या
नाम नहीं छापने पर कई अध्यापकों ने बताया कि उनके कक्षा में औसत २० फीसदी बच्चों व अभिभावकों के पास एंड्रोयड फोन नहीं है। इसलिए वे इस शिक्षा से वंचित हैं। कक्षा से ५ तक के विद्यार्थियों को मोबाइल में यूट्यूब में चलने वाली पढ़ाई समझ में नहीं आती है। क्योंकि वे छोटे हैं और कई बच्चों के अभिभावक स्वयं पढ़े लिखे नहीं है, कि वे बच्चों को यूट्यूब से कंटेंट पढ़कर बच्चों को पढ़ा सकें। साथ ही बच्चों को अगर पढऩे के लिए मोबाइल दिया जाता है तो वे पढ़ाई बंद करके फोन में गेम आदि खेलने लगते हैं। एक स्कूल के अध्यपक ने बताया कि उसकी कक्षा के २० फीसदी बच्चे भी होमवर्क नहीं कर रहे हैं। जब उस शिक्षक ने घर जाकर विद्यार्थियों से पूछा तो दूसरा-दूसरा होमवर्क दिखाते हैं। कइयों ने बताया कि यूट्यूम में जल्दी-जल्दी सब निकल जाता है हम लिख-पढ़ नहीं पाते।

...और इन्हें कंटेंट ही नहीं मिल रहा
चूंकि कक्षा १ से ५ तक के विद्यार्थी छोटे हैं और कइयों के अभिभावक भी उन्हें ई-लर्निंग के कंटेंटे समझा नहीं पा रहे, गांवों में अधिकतर अभिभावक इन दिनों रबी फसल की कटाई में लगे हैं ऐसे में उनके लिए ई-लर्निंग की पढ़ाई टेड़ी खीर है। अब कक्षा ६ से ९ तक के विद्यार्थी समझदार होते हैं उन्हें मोबाइल का भी ज्ञान होता है, लेकिन उनकी मुसीबत यह है कि उन्हें अभीतक ईलर्निंग के कंटेंट मिल ही नहीं रहे। साथ ही लर्निंग एप्स के जरिए शुरू हुई पढ़ाई में ग्रामीण क्षेत्रों से नेटवर्क की समस्या भी बताई जा रही है। कुछ अभिभावकों ने बताया कि छत में गए तब एप्स के जरिए पाठ्य सामग्री खुल पाई थी।

बड़ी कक्षाओं के परिणाम अच्छे
ई-लर्निंग की पढ़ाई में कक्षा १ से ९ तक तक के बच्चों को खासा फायदा नहीं हो रहा लेकिन शिक्षकों का कहना है कि कक्षा १० और १२ के विद्यार्थी इसका फायदा ले रहे हैं। क्योंकि उनकी प्रतिक्रियाएं भी मिल रही हैं।

13 अप्रेल से शुरू हुई पढ़ाई
कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के तहत स्कूल बंद होने से सरकार ने कक्षा १ से १२वीं तक के विद्यार्थियों को ई-लर्निंग के तहत एक एप्स के जरिए पढ़ाना शुरू किया है। १३ अप्रेल से शिक्षण सामग्री ग्रुप के माध्यम से विद्यार्थियों को पहुंचाई जा रही है।

Aswani Reporting
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