पर्यावरण सुरक्षा हर व्यक्ति का दायित्व

संदर्भ - विश्व पर्यावरण दिवस विशेष
- क्षेत्र को हरा-भरा रखने का लेना होगा संकल्प

By: Rakesh Gandhi

Published: 04 Jun 2020, 08:21 PM IST

राजसमंद. आज विश्व पर्यावरण दिवस है। कोरोना महामारी को देखते हुए पर्यावरण के प्रति जनजागृति को अब और बढ़ाना होगा। यदि सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जाए तो आम लोगों में पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरुकता बढ़ी है। पिछले दो दशक में पेड़-पौधों लगाने के प्रति आम लोगों का रुझान काफी बढ़ा है। बरसों पूर्व पेड़ काटने की घटनाएं काफी होती रहती थी, लेकिन इन वर्षों में ऐसा कम ही देखने में आता है। लगातार बढ़ते तापमान व बिगड़ते पर्यावरण से हर इंसान को एक पेड़ व हरियाली की कीमत का अहसास होने लगा है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए श्रेष्ठ पर्यावरण कितना जरूरी है, ये अब मानव समझ चुका है। ये सब जनजागरण का ही परिणाम है।

राजसमंद व पर्यावरण
प्राकृतिक सौन्दर्य के लिहाज से देखा जाए राजसमंद स्वर्ग है। यहां प्रकृति ने अरावली की हरी-भरे वृक्षों से लदी पहाडिय़ां उपहार स्वरूप प्रदान की है। ये ही वजह है कि अरावली की छत्र छाया में बसे इस जिले में कारखानों के प्रदूषण के बावजूद पर्यावरण इतना दूषित नहीं होता। हालांकि प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों पर नियंत्रण जरूरी है, फिर भी आम जनता के लिए ये सुकून की बात है कि वे इन पहाडिय़ों के इर्द-गिर्द बसे हैं। बरसात के मौसम में ये क्षेत्र पूरी तरह रमणिक हो जाता है, जो पर्यटकों का ध्यान खींचता है। इतना होने के बाद भी अभी इन पहाडिय़ों में काफी कुछ पौधारोपण की जरूरत है। बढ़ती जनसंख्या के साथ बढ़ते वाहनों की संख्या से भी पर्यावरण दूषित हुआ है। ऐसे में पेड़-पौधों की बहुतायत जरूरी है।

खनन व पर्यावरण
पिछले चार दशक से राजसमंद जिले में मार्बल व ग्रेनाइट खनन हो रहा है। इसका नुकसान किसी न किसी तरह से पर्यावरण को हुआ है। पहले मार्बल खनन व उसके बाद उसके अपशिष्ट से पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। मार्बल स्लरी से पेड़-पौधे नष्ट हो जाते हैं। खनन के दौरान होने वाले विस्फोटों से भी पेड़-पौधों का जीवन खत्म होता है। ऐसे में खनन व्यवसाइयों को स्वयं ही जागरुक होते हुए आगे आना होगा और पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कदम उठाने होंगे। हर खान के आसपास हरियाली का संकल्प लेने से भी पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है।

हरयाळो राजस्थान सबसे बेहतर जरिया
जिले में हर व्यक्ति एक पौधा भी लगाता है तो लाखों पौधे इस मानसून सत्र के दौरान लगाए जा सकते हैं। इससे आने वाले समय में पर्यावरण और शुद्ध होगा। साथ ही हर घर, संस्था व औद्योगिक इकाइयां अपने परिसर को हरा-भरा बनाने का संकल्प लें तो भी इससे प्राणवायु को शुद्ध रखना संभव होगा। इसके लिए राजस्थान पत्रिका के प्रति वर्ष चलने वाले हरयाळो राजस्थान का हिस्सा बनकर न केवल जिला, बल्कि पूरे प्रदेश में हरियाली की जा सकती है। पिछले लम्बे समय से हरयाळो राजस्थान अभियान के जरिए लाखों पौधे लगाए जा चुके हैं जो आज कई शहरों को हरा-भरा बनाए हुए हैं। इस बार पूरे राजसमंद जिले में विभिन्न समाजों को आगे आकर अपने क्षेत्र को हरा-भरा करने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि सभी को शुद्ध हवा नसीब हो। तभी हम अपने जिले, प्रदेश, राष्ट्र व विश्व के शुद्ध पर्यावरण को सुरक्षित रख पाएंगे।

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
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