फ्लोरोसिस की रोकथाम के लिए विभाग एकजुट हों

फ्लोरोसिस पर किया मंथन
राजसमंद में हुई राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम कार्यक्रम के तहत चार जिलों की कार्यशाला

By: Aswani

Published: 26 Aug 2020, 07:26 PM IST

राजसमंद. राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम कार्यक्रम के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार जिलों चित्तौडग़ढ़, भीलवाड़ा, अजमेर व राजसमंद के फ्लोरोसिस अनुभाग के नोडल अधिकारियों, सलाहकारों एवं लैब टैक्नीशियंस की कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य भवन के सभागार में हुआ। कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर ले जाने तथा आमजन में फ्लोरोसिस बीमारी को लेकर जागरूक करने पर मंथन किया गया।


कार्यक्रम में सीएमएचओ ने कहा कि फ्लोरोसिस कार्यक्रम की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए हमें जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग के साथ मिलकर साझा रणनीति पर कार्य करना होगा, तभी हम आमजन को इस बीमारी के प्रति जागरूक कर सकेंगे। उन्होंने बैठक में आए सभी जिला सलाहकारों से आह्वान किया कि वे इस कार्यक्रम में अन्य विभागों के साथ समन्वय करते हुए सहभागिता सुनिश्चत करें। जयपुर से आए कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ एमएल सालोदिया ने राज्य में फ्लोरोसिस रोकथाम को लेकर विस्तार से जानकारी दी। बताया कि राजस्थान के सभी जिले फ्लोराइड से ग्रस्त है। वर्तमान में राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम कार्यक्रम हनुमानगढ़, बारां, धौलपुर को छोड़कर सभी जिलों में संचालित है। जिसके तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में फ्लोरोसिस रोकथाम अनुभाग गठित है जिसमें एक जिला सलाहकार एवं लैब टेक्नीशियन कार्यरत है। कार्यशाला में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन विनोद बिहारी ने राजसमंद जिले में सुरक्षित पानी के लिए डीफ्लोराइडेशन युनिट्स की स्थापना, स्थापित लेबोरेट्ररी के कार्यों एवं पानी में फ्लोराइड जांच के डेमो को प्रदर्शित किया। कार्यशाला में यूनिसेफ व इनरेम की ओर से स्टेट कन्सलटेन्ट नवनीत मिश्रा एवं अरविंद सिंह ने डूंगरपूर मॉडल को प्रस्तुत करते हुए बताया कि वहां फ्लोरोसिस रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, वन व कृषि पंचायती राज विभाग सभी ने साथ मिलकर साझा रणनीति बनाकर कर फ्लोरोसिस रोकथाम के लिए कार्य किया, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। डूंगरपुर मॉडल को जिला राजसमंद में अपनाया जाकर फ्लोरोसिस मिटीगेशन के लिये ग्रासरूट लेवल से कार्य किया जाएगा। कार्यशाला में उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजकुमार खोलिया, भीलवाड़ा से डॉ घनश्याम चांवला, चित्तौडग़ढ़ से डॉ सुनील कुमार, अजमेर से डॉ. आरएस खराडिया, जिला सलाहकार प्रिया कालरा आदि उपस्थित थे।

Aswani Reporting
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