कुंवारिया में जुटी देशभर के कन्या मण्डल की बालिकाएं

कुंवारिया में जुटी देशभर के कन्या मण्डल की बालिकाएं
कुंवारिया में जुटी देशभर के कन्या मण्डल की बालिकाएं

Laxman Singh Rathore | Updated: 23 Sep 2019, 12:13:19 PM (IST) Rajsamand, Rajsamand, Rajasthan, India

साध्वी राजमती ने प्रोत्साहन के साथ दी धर्मपथ पर आगे बढऩे की सीख
कन्या मण्डल का प्रथम अधिवेशन

कुंवारिया. साध्वी राजमती ने कहा कि बालिकाएं देश व समाज का गौरव होती हैं। वे जैसी होंगी आने वाले समय वैसे ही समाज का परिदृश्य प्रस्तुत करेंगी। उन्होंने कहा कि बालिकाएं बदलते परिवेश में साहस के साथ में आगे बढ़े, परन्तु अपने महान व श्रेष्ठ जैन धर्म को नहीं भूलें।
वे कस्बे के रावली पोल परिसर में रविवार को श्रमण संघीय जैन समाज के कन्या मंडल के प्रथम अधिवेश में उद्बोधन दे रही थी। उन्होंने कहा कि बालिकाओं का बेहतर कल तभी होगा जब बालिकाएं बदलते परिवेश में साहस के साथ कदम बढ़ाते हुए आगे बढ़ेंगी। पूरी लगन, मेहनत, ध्यान व सतत प्रयास करके जीवन की हर चुनौतियों का सामना करके निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को चाहिए कि बदलते परिवेश में आगे अवश्य बढ़ें, परन्तु हमारे महान व श्रेष्ठ जैन धर्म के अनुसार आचरण अपनाते हुए आगे बढ़ें। बालिकाएं अपने तथा अपने जैन धर्म की श्रेष्ठ पहचान को यथावत बनाए रखें तभी सफलता में आनंद दुगुना होगा। उन्होंने कहा कि पहचान समाप्त करके सफलता प्राप्त करने में कोई आनंद की अनुभूति नहीं होती है।
अधिवेशन में साध्वी विजयप्रभा ने कहा कि बालिकाएं जैन धर्म के अनुसार जप, तप व साधना के माध्यम से स्वयं को जीत कर दुनिया को जीतने का प्रयास करें। साध्वी विद्याश्री ने कहा कि बालिकाएं समाज व देश की धरोहर होती है। ऐसे में बालिकाएं जप, तप व साधना के अनुसार आचरण अपनाकर बहादुर व श्रेष्ठ बनें।
इस अवसर पर संयुक्त मेवाड़ कन्या मण्डल की अध्यक्षा मीनल चोरडिया, मंत्री पूजा बनवट, कोषाध्यक्ष दिव्या मेहता, श्रीसंघ के अध्यक्ष गणेशलाल कच्छारा, मंत्री प्रवीण पीपाड़ा, कोषाध्यक्ष चन्द्रेश तातेड़, सोहनलाल पीपाड़ा, रमेशचन्द्र पीपाड़ा, यशवंत पीपाड़ा, राकेश सिरोहिया, चन्द्रेश पीपाड़ा, लक्ष्मीलाल पीपाड़ा मौजूद थे।
कन्या मण्डल ने दी रोचक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में कन्या मण्डल की कार्यकर्ताओं के द्वारा जैन धर्म की महानता, जैन धर्म के विभिन्न प्रसंगों की प्रस्तुतियंा, विभिन्न गीत व नाटक तथा नाटिकाओं की प्रभावी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम सुबह आठ बजे मंगलाचरण से शुरू हुआ, जो शाम को 5 बजे पूर्ण हुआ।
भजनों पर हुए भावविभोर
अम्बेश गुरु प्रेम दरबार में आयोजित एक शाम गुरु अंबेश मुनि के नाम भजन संध्या में भजन गायक रूस्तम भाई ने भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुतियां दी।

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