मेवाड़ के वैष्णव मंदिरों में निखरने लगा फागोत्सव का रंग

श्रीनाथजी, द्वारकाधीशजी और चारभुजा में होली रोपण, होली की धमार शुरू

By: jitendra paliwal

Published: 28 Feb 2021, 11:05 AM IST

नाथद्वारा. आराध्य प्रभु श्रीनाथजी मंदिर की मुख्य होलिका के दहन के लिए शनिवार को सूर्याेदय से पूर्व शुभ मुहूर्त में होली का डण्डा रोपा गया। इसके साथ ही मंदिर की होली की धमार भी शुरू हो गई।

सूर्योदय से पूर्व मंदिर के खर्च भंडार से मंदिर के कार्मिक विभाग के सदस्य होली का डण्डा लेकर रवाना हुए। इस दौरान
कीर्तनकार गोविंद कुमावत के नेतृत्व में कीर्तन करते हुए साथ में चल रहे थे। ये तहसील रोड पर स्थित मुख्य होलीमगरा पर पहुंचे, जहां मंदिर के पंड्या डॉ. परेश नागर के नेतृत्व में पूजा-अर्चना के बाद होली का डण्डा रोपा गया। पूजा के दौरान फतहलाल गुर्जर, गोपाल सनाढ्य व अन्य सेवाकर्मी तथा मशालची जितेन्द्र वर्मा भी मौजूद थे।
होली का डण्डा रोपने के साथ ही मंदिर में होली की धमार की रंगत प्रारंभ हो गई। यों तो ठाकुरजी में गुलाल-अबीर की सेवा गत १६ फरवरी को बसंत पंचमी के दिन से प्रारंभ हो गई थी , परंतु फागुन मास की रंगत रोपणी के उत्सव के साथ शुरू होती है।
होलिकाष्टक 22 से : मंदिर में होलिकाष्टक आगामी २२ मार्च से प्रारंभ होगा। उस दिन से निधि स्वरूप लाड़ले लालन के सन्मुख सायंकाल शयन की झांकी के दर्शन से पूर्व गार गायन किया जाएगा। यह क्रम २८ मार्च को डोलोत्सव के समापन तक चलेगा।

किया होली रोपण हुआ, चंग की थाप पर होगा रसिया गायन
चारभुजा. प्रभ श्री चारभुजानाथ मंदिर की परंपरा के अनुसार शुक्रवार को रात 8 बजे होली के डण्डे का रोपण किया गया। पूरे कस्बे में एक की होली रोपने की बरसों पुरानी परंपरा रही है।
रोपण से पूर्व विधिवत पूजन पं. नाथूलाल पालीवाल द्वारा किया गया। इसके साथ पांच पुजारियों द्वारा होलिका के डण्डे के हाथ लगाकर रोपण किया। होली का डण्डा रोपे जाने के साथ ही पूरे फाल्गुन मास में पुजारियों द्वारा चारभुजाजी की शयन आरती के बाद नगारखाने पर चंग की थाप पर रसिया गायन किया जाएगा। साथ ही फाल्गुन मास के भजनों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। डण्डा रोपण के समय पुजारी धनराज पंचोली, उपसरपंच नंदलाल गुर्जर, देवस्थान विभाग से जालमसिंह व पुजारीगण सहित श्रद्धालु मौजूद थे।

द्वारकाधीशजी मंदिर का होली रोपण
राजसमंद. श्री पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ न्यास के श्री द्वारिकाधीश मंदिर में शनिवार को प्रात: मंगला दर्शन से पूर्व होली का डंडा रोपण किया गया। प्रभु द्वारकाधीश मंदिर से ढोल के साथ सहायक अधिकारी गणेशलाल सांचीहर, समाधानी द्वारकादास पालीवाल, मंदिर पुरोहित पंडित बिंदुलाल शर्मा, कोठा प्रभारी कमलेश पालीवाल, गिरीश रावल, कीर्तनकार प्रमोद सिंह चारण, सुमित कुमावत कीर्तन करते हुए होली के डंडे को लेकर शहर के मुख्य मार्गों से जेके मोड़ स्थित होली थड़ा पहुंचे। यहां कुमावत समाज के पंच पटेलों के साथ पंडित बिंदुलाल शर्मा ने विधि-विधान के साथ होली दंड का पूजन करवाया। तत्पश्चात होली दंड का रोपण हुआ। इसके साथ ही प्रभु द्वारकाधीश के मंदिर में प्रभु द्वारकाधीश को पिचकारी की सेवा धराना आरंभ हो गई। इस अवसर पर प्रभु द्वारकाधीश को चोवा की चोली अंगीकार करवाई गई।

माघ पूर्णिमा पर गढ़बोरनाथ के दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु
चारभुजा. माघ पूर्णिमा के मौके पर शनिवार को प्रभु चारभुजानाथ के दर्शनों के लिए काफी संख्या में दर्शनार्थियों का रेला उमड़ा। इसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा रही।
माघ पूर्णिमा के विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या सुबह से ही आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा रही। दिन चढऩे तक दर्शनार्थियों की संख्या काफी बढऩे पर उन्हें कतार में लगवाकर दर्शन करवाए गए। इनमें कई श्रद्धालु तो एक साथ बसों में आए। श्रद्धालुओं की संख्या बढऩे के साथ ही पार्किंग स्थल पर वाहनों के ठहराव के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं रही। कई श्रद्धालुओं ने माघ पूर्णिमा का पवित्र दिन होन से उनकी मन्नतें व मुरादे पूरी होने पर प्रसादी का आयोजन भी किया। कस्बे के सराय चौक, मंदिर चौक में दुकानों पर बाहर से आई श्रद्धालु महिलाओं ने खरीदारी भी की, जिससे बाजार में भी रौनक बनी रही।

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