गोमती नदी में खुलेआम बजरी खनन, शिकायत पर नहीं आते खान अधिकारी

तासोल पंचायत के मण्डावर गांव का मामला
रेती दोहन से सडक़ किनारे स्थित खेत हो गए बर्बाद

By: laxman singh

Published: 06 Jun 2018, 11:17 AM IST

राजसमंद. जिले में बनास के बाद अब बजरी माफिया ने राजसमंद झील को भरने वाली गोमती नदी का रुख कर लिया है। बजरी खनन पर फिलहाल पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट की रोक है। इसके बावजूद धड़ल्ले से रेती दोहन किया जा रहा है। तासोल क्षेत्र के मण्डावर में हालात यह हैं कि पेड़ों की जड़ें तक बाहर आ गईहैं और आसपास की रेत-मिट्टी खोद ले गए। रात में गोमती नदी पर माफिया मशीनों से जोर-शोर से बजरी का अवैध खनन कर रहा है और प्रतिदिन बीसियों टन रेती निकाली जा रही है। माफिया करोड़ों की चांदी कूट रहा है। ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद खान अधिकारी चुप बैठे हैं।

नहीं होती कार्रवाई
ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रात में डम्पर, ट्रैक्टर, जेसीबी के माध्यम से रेती का परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीण कमल व्यास ने बताया कि रोकने पर माफिया जान-माल का नुकसान करने की धमकी देता है। इससे ग्रामीणों में भय बना हुआ है। उन्हें पुलिस प्रशासन की ओर से भी कोई सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल रहा है।

माफिया जहां पर बजरी दोहन कर अपना उल्लू सीधा कर रहा है, वहीं हमारे खेत बर्बाद हो रहे हैं। हर बार फसल खराबे व कुुओं से पानी के घटने की समस्या बढ़ जाती है। प्रशासन को कहां जनता की समस्या दिखती है।
उदयलाल व्यास, पूर्व वार्डपंच

रात के समय बजरी माफिया खनन करता है। कई बार फोन पर माइनिंग विभाग को शिकायत की, लेकिन मिलीभगत के चलते वे मौके पर नहीं आए। अब हमारी सुनने वाला भी कोई नहीं रहा।
रोशनलाल सुथार, ग्रामीण

मार्ग खराब हो रहे
खेतों के आस-पास बजरी खनन कर बड़े-बड़े खड्डे कर दिए गए हैं। इससे आम रास्ता भी बंद हो गया। आने-जाने में काफी समस्या हो रही है। कोई हमारी नहीं सुन रहा है।
सेवाराम सुथार, ग्रामीण

हौसले बुलंद हो गए
बजरी माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि गरीब लोगों की निजी भूमि पर बेखौफ खनन कर रहे हैं। उनको मना करने पर डराया-धमकाया जाता है। इनसे पूरे गांव के लोग परेशान हैं।
प्रकाशचन्द्र व्यास, ग्रामीण

रात के समय बजरी खनन होने से ट्रैक्टर-डम्पर यहां से गुजरते हैं, तो उनकी आवाज और शोर-शराबे से सोना ***** हो रहा है। प्रशासन को शिकायत करने से भी कोई फायदा नहीं निकल रहा है।
देवेन्द्र श्रीमाली, ग्रामीण

बजरी भरते 3 ट्रैक्टर जब्त
रेलमगरा. अदालत की रोक के बावजूद धड़ल्ले से बजरी खनन पर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी एवं खनन विभाग ने सामूहिक रूप से कार्रवाई करते हुए बजरी भरते तीन ट्रैक्टर सहित 5 बाइक जब्त कर ली। वहीं, बजरी खनन में लिप्त तीन लोगों को पुलिस ने शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। थाना अधिकारी लालसिंह शक्तावत ने बताया कि बनास नदी से अवैध रूप से बजरी खनन के गौरखधंधे को रोकने के लिए जिला कलक्टर के निर्देश पर बनाई गई विशेष टीम में उपखण्ड अधिकारी शक्तिसिंह भाटी, दरीबा चौकी के शांतिलाल जाट, गिलूण्ड पुलिस चौकी जाप्ता एवं खनन विभाग के अधिकारी रेलमगरा की ओर से गश्त करते हुए वाया जीवाखेड़ा, बैठुम्बी पनोतिया होकर रात करीब दो बजे गिलूण्ड के जगपुरा पहुंचे। जहां, नदी पेटे में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रोलियों में बजरी भरने का कार्य किया जा रहा था। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों को आता देख नदी पेटे में अवैध बजरी खनन कर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। चालक अपने ट्रैक्टरों को लेकर नदी पेटे में इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान पुलिस के जवानों एवं खनन विभाग के कर्मचारियों ने उपखण्ड अधिकारी के साथ मिलकर इन वाहनों का पीछा किया। पुलिस ने तीन ट्रैक्टरों को पकड़ लिया। इन्हें पुलिस चौकी के सुपूर्द किया। वहीं ,गश्ती दल ने मौके से पांच बाइक भी जब्त करते हुए गंगापुर थाना क्षेत्र के धांगड़ास निवासी बलवंतसिंह पुत्र हरीसिंह राजपूत, सुरावास निवासी रतनलाल पुत्र कैलाशचंद्र शर्मा, भगवानलाल पुत्र मांगीलाल प्रजापत को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

रोक के बावजूद नहीं थम रहा खनन
भीलवाड़ा एवं राजसमंद जिला सीमा से गुजर रही बनास नदी पेटे में बजरी खनन का चल रहा अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। भीलवाड़ा जिले की सीमा क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में टै्रक्टर नदी पेटे से अवैध रूप से बजरी का खनन कर बेरोकटोक भीलवाड़ा जिले में बजरी का परिवहन कर रहे हैं।

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laxman singh Reporting
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