अस्पताल में डेढ़ घंटे तड़पता रहा घायल, दम टूटने पर परिजनों का हंगामा : चिकित्सक तंत्र पर सवाल

राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर भोपों की डोली के समीप एक कार की चपेट में आकर घायल हुए मोपेड़ सवार की डेढ़ घंटे तक इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई।

By: laxman singh

Published: 18 Aug 2017, 12:44 PM IST


भीम (राजसमंद). राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर भोपों की डोली के समीप एक कार की चपेट में आकर घायल हुए मोपेड़ सवार की डेढ़ घंटे तक इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा मचा दिया।


पुलिस के अनुसार भोपों की डोली निवासी दल्लाराम (55) पुत्र निम्बाराम को कार ने चपेट में ले लिया। हैड कांस्टेबल अमर सिंह, औंकार सिंह के पहुंचने पर उसे परिजनों ने निजी वाहन की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया। नर्सिंगकर्मियों ने घायल दल्लाराम का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसके एक्स-रे की सुविधा व रैफर करने के बाद ले जाने के लिए 108 एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। करीब डेढ़ घंटे तड़पने के बाद घायल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतक के पुत्र डाऊराम, उमेशलाल, नारायणलाल एवं रामलाल, राजू सिंह, भूपेन्द्र सिंह, बालू सिंह, हुकमाराम, हिमताराम, शंकरलाल व लोगों ने चिकित्सकों की लापरवाही पर रोष जाहिर करते हुए हंगामा किया। सूचना पर भीम सरपंच गिरधारी सिंह रावत सीएचसी पहुंचे तथा मृतक के परिजनों से समझाइश कर उपखण्ड अधिकारी को मामले से अवगत कराया। इस पर उपखण्ड अधिकारी बी.एल. जनागल मौके पर पहुंचे तथा आरोपी चिकित्सक प्रेमशंकर मीणा, जीएनएम राजेन्द्र सिंह, नर्स रबिका सोलेमन से घटना की जानकारी लेकर सीएचसी प्रभारी डॉ. इन्द्रपाल परिहार से घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।


मौत के सवाल पर तहरीर का तर्क
मृतक के पुत्र डाउराम ने एसडीएम को बताया कि नर्स रबिका सोलेमन, जीएनएम राजेन्द्र सिंह ने उसके पिता के इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाने की बात कही, तो जीएनएम राजेन्द्र सिंह ने खुद को डॉक्टर बताते हुए उसे लताड़ लगाईऔर नर्स ने रैफर पर्ची देने में आनाकानी की। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रेमशंकर मीणा के मुताबिक पुलिस की तहरीर आने पर उपचार होगा। दुर्घटना में एक्सरे पुलिस रिपोर्ट पर ही किया जाता है।


फफकते हुए सुनाया दर्द
मृतक के पुत्र ने एसडीएम के समक्ष फफकते हुए डेढ़ घण्टे के दौरान हुई चिकित्सकीय लापरवाही का घटनाक्रम सुनाया और आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी। जनागल ने उसे भरोसा दिलाया कि उचित कार्रवाईकी जाएगी। जनागल ने एक घंटे तक डॉक्टरों द्वारा देखभाल नहीं करना एवं 108 की खराब स्थिति तथा एक सप्ताह से बंद पड़े जनरेटर को लेकर सीएचसी प्रभारी डॉ. इन्द्रपाल परिहार को खरी-खोटी सुनाते हुए पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। मामले से जिला प्रमुख प्रवेश कुमार सालवी को अवगत कराने पर उन्होंने जिला कलक्टर से बातचीत की।


सूचना मिलने पर डॉ. प्रेमशंकर को फोन कर इलाज के लिए बुलवाया एवं 108 की खराब स्थिति को लेकर नाकारा घोषित करने के लिए राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी है। एक सप्ताह पूर्व ही जेनरेटर को ठीक कराया था, लेकिन दुबारा खराब हो गया।
डॉ. इन्द्रपाल परिहार, सीएचसी प्रभारी

मामले की जानकारी मिली है। दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. पंकज गौड़, सीएमएचओ


घटना को लेकर उपखण्ड अधिकारी से बातचीत की जानकारी लेता हूं।
पीसी बेरवाल, जिला कलक्टर

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