FAKE DOCTORS PUBLIC TALK : लोग खुलकर बोले- ‘झोलाछाप डॉक्टर के पास है हाईडोज का मोहिनी मंत्र’

राजसमंद जिले के गांव- ढाणी में बढ़ते झोलाछाप की दुकानों पर लोगों ने प्रतिक्रिया

By: laxman singh

Published: 15 Jan 2018, 10:58 PM IST

राजसमंद. झोलाछाप दुकान पर हाईडोज की वजह से तुरंत राहत मिलने की वजह से लोग ज्यादा आकर्षित है। तत्काल राहत मिलने से लोग सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की बजाय झोलाछाप के पास जाते हैं। एक बार किसी व्यक्त के हाईडोज लग गई, तो बाद में सरकारी अस्पताल की सामान्य दवा का कोई असर नहीं रहता। इसी वजह से सरकारी अस्पताल में तत्काल राहत नहीं मिल पाती।

सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं नहीं
लोगों का झोलाछाप डॉक्टरों के प्र्रति विश्वास बढऩा उनकी तत्काल उपलब्धता है। सरकारी अस्पतालों में संसाधन है, मगर चौबीस घंटे के लिए स्टाफ व डॉक्टर नहीं है।
डॉ. बसन्तीलाल बाबेल, पूर्व न्यायाधीश

हाईडोज से बढ़ रहा आकर्षण
एंटीबायोटिक व अन्य दवा से मरीजों को हाई ट्रीटमेंट देता है। इससे मरीज को तुरन्त राहत मिल जाती है, लेकिन उसके दुष्प्रभाव भी कई होते हैं।
पारस पायक, नर्सिंगकर्मी जिला अस्पताल

दवा की मात्रा अधिक
झोलाछाप हाईडोज के इंजेक्शन से मरीजों को तुरंत राहत मिल जाती है। फिर उसके सरकारी अस्पताल में आने पर तत्काल राहत नहीं मिल पाती। हाईडोज शरीर के लिए घातक है। तत्काल राहत देता है, मगर कई बीमारियों को जन्म देता है। शरीर हाईडोज का आदी होने की वजह से सामान्य दवाएं बेअसर होने लगती है।
डॉ. सुरेन्द्र निठारवाल, चिकित्सक अधिकारी केलवा

लोगों में अंधविश्वास है
सरकारी दवा से जल्द आराम नहीं मिलने का अब लोगों में अंधविश्वास है। अस्पताल में फ्री की दवा असर नहीं करती। इस तरह का भ्रामक प्रचार हो रहा है, जिससे लोग झोलाछाप पर विश्वास कर रहे हैं।
गंगा देवी, गृहिणी भीम

तत्काल इलाज की चाहत
सरकारी अस्पताल में भीड़-भाड़, चिकित्सकों का नहीं मिलना, जांच रिपोर्ट देरी से मिलने की बड़ी समस्या है। लोग तत्काल इलाज के चक्कर में झोलाछाप के पास चले जाते हैं।
प्रकाश वैष्णव, सामाजिक कार्यकर्ता राज्यावास

इलाज की होम डिलीवरी
झोलाछाप गांव में घर घर जाकर मरीज का इलाज कर देते हैं। चिकित्सक कभी सीधे हाईडोज नहीं देता। इसके चलते लोग झोलाछाप को ज्यादा तवज्जो देते हैं।
विशाल श्रीमाली, नर्स जिला अस्पताल

अनपढ़ का जीतते विश्वास
झोलाछाप ज्यादातर ग्रामीण व अनपढ़ लोगों का ही इलाज करते हैं। तत्काल राहत मिलने से ही वे विश्वास में आ जाते हैं। दवा व इलाज के पैसे की उधारी भी कर देते हैं।
मुकेश रेगर, भट्टखेड़ा

बोलने में होते हैं एक्सपर्ट
ये झोलाछाप बोलने में एक्सपर्ट होते हैं। चौबीस घंटे इलाज के लिए कहीं भी जाने को तैयार रहते हैं। इसलिए लोग उनके चक्कर में आ जाते हैं।
प्रिया वैष्णव, नाथद्वारा

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