इंश्योरेंस के नाम पर ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार

- राजनगर पुलिस ने छह आरोपियों को दिल्ली से पकड़ा
- अब तक करोड़ों की ठगी कर चुके
- आईआरडीए के नाम पर भी करते थे गुमराह

By: Rakesh Gandhi

Published: 07 Sep 2020, 08:54 PM IST

राजसमंद. राजनगर पुलिस ने इंश्योरेंस के जरिए ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के छह जनों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य अपने को भारतीय बीमा नियामक (आईआरडीए) कार्यालय दिल्ली का अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करते थे। अब तक इन्होंने करोड़ों रुपए की ठगी की है। राजसमंद में नरेन्द्र प्रकाश पुत्र नवरतनमल जैन, निवासी कबूतर खाना राजनगर के साथ हुई ठगी के बाद पुलिस ने इन्हें धर दबोचा।
प्रार्थी नरेंद्र ने जिला पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट देकर बताया था कि 10 दिसम्बर 2017 को उसके मोबाइल नम्बर पर आदित्य राणा नाम के एक व्यक्ति का फोन आया और बताया कि वह आईआरडीए भारतीय बीमा नियामक कार्यालय दिल्ली का अधिकारी है, आपके खाते में 120000 रुपए पड़े हैं, ये राशि आपको प्राप्त करने के लिए हम बीमा एजेन्ट बनाएंगे व एजेन्ट आईडी बनने के बाद ये राशि आपके खाते में आ जाएगी। इसके लिए आपको पॉलिसियां करानी पड़ेंगी। इसके लिए आपको अच्छा कमीशन भी मिलेगा। इस तरह प्रार्थी को अलग-अलग आदमी बनकर विभिन्न मोबाइल नम्बरों से कॉल कर प्रार्थी को झांसा देते रहे व भारती एक्सा लाइफ इन्श्योरेन्स आदि कम्पनियों की प्रार्थी के द्वारा विभिन्न लोगों की पॉलिसियां करवा दी। उन पॉलिसी पर विभिन्न प्रकार के लुभावने ऑफर देकर प्रार्थी से 69 लाख रुपए दिलाने के नाम से पृथक-पृथक रुपए की मांग करने लगे। इस पर प्रार्थी लुभावने ऑफर में आकर अभियुक्तों द्वारा दिए गए बैंक खाता नम्बरों में पैसे जमा करा देता था। इस प्रकार प्रार्थी द्वारा वर्ष 2017 से अब तक विभिन्न खातों में करीब 85,00000 रुपए जमा करा दिए गए। पुन: 10,00,000 रुपए जमा कराने के लिए प्रार्थी के पास अभियुक्तों का कॉल आया तो प्रार्थी को अपने साथ हो रही धोखाधड़ी का पता चला।

मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश गुप्ता के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक गोपालसिंह भाटी के सुपरविजन व प्रशिक्षु आरपीएस नोपाराम, थानाधिकारी प्रवीण टांक के नेतृत्व में टीमें गठित की गईं। टीमें दिल्ली गर्इं, जहां विभिन्न खाता धारकों व इसमें शामिल अरोपी मोहम्मद जावेद पुत्र मोहम्मद मुबीन, रवि कुमार पुत्र मुन्ना शाह, राहुल पुत्र निरंजन प्रसाद, गौरव पुत्र राम प्रताप बंसल, संजय चौधरी पुत्र केहरसिंह चौधरी, सोनू पुत्र भगवानसिंह सभी निवासी नई दिल्ली को पूछताछ के लिए डिटेन कर थाना राजनगर लाया गया। इसके बाद हुई पूछताछ के बाद इस ठगी का पर्दाफाश हुआ।

कई जगह की धोखाधड़ी
प्रकरण में मास्टर माइण्ड मोहम्मद जावेद है जो अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न फर्जी सिम कार्ड से अलग-अलग व्यक्ति बनकर कई लोगों का कॉल करता था। पूछताछ पर जावेद और उनके साथियों ने कई जगह इस तरह की धोखाधड़ी करने की बात सामने आई है। इन लोगों ने मोहनलाल पाटीदार निवासी भीलवाड़ा के साथ भी करीब एक करोड रुपए की धोखाधड़ी की, जिसका प्रकरण साईबर थाना जयपुर में भी दर्ज है। अभी इनसे और मामले खुलने की संभावना है।

ऐसे करते थे धोखाधड़ी
आरोपी भारती एक्सा लाईफ इन्श्योरेन्स कम्पनी, अपोलो म्यूनिक आदि विभिन्न कम्पनियों की पॉलिसी करवा कर तथा बाद में उन्हें प्रलोभन देकर पैसे दुगुना देने का झांसा देकर उनसे विभिन्न खातों में पैसे डलवाकर धोखाधड़ी करते थे। मास्टर माइण्ड मोहम्मद जावेद, सोनू को खाता अरेन्ज करवाने के लिये कहता और उसको धोखाधड़ी की नकद राशि लाने में 7 प्रतिशत कमीशन देता था तथा सोनू संजय से, संजय गौरव से तथा गौरव राहुल से तथा राहुल रवि कुमार के खातों में धोखाधड़ी के पैसे डलवाते थे। इन सबका कमीशन मोहम्मद जावेद सोनू के मार्फत देता था। अन्त में रुपए जावेद के पास पहुचते थे।

इस टीम ने की कार्रवाई
टीम में प्रशिक्षु आरपीएस व थानाधिकारी राजनगर के अलावा पन्नेसिंह, भूरसिंह, जगपालसिंह, इन्द्रचन्द, थानाराम, वीरेन्द्र, सुभाष, मांगीलाल, विजयसिंह, धनेश, रतनलाल आदि थे।

जिला पुलिस ने जारी की अपील
पॉलिसी करवाने, प्रीमियम भरने व बोनस, इनकम टैक्स भरने, बोनस रिलीज कराने, फण्ड मैनेजर के एकाउण्ट मे सीधे पैसे जमा कराने, आईआरडीए के अधिकारी बनकर बोनस के पैसे रिलीज कराने आदि के नाम पर कोई फोन आए तो पैसे जमा नहीं कराएं। संबंधित बीमा कम्पनी की निकटतम शाखा पर स्वयं जाकर सम्पर्क करें। साथ ही ऑनलाईन बैंकिग एप्स जैसे, फोन-पे, पेटीएम, गूगल-पे आदि में बोनस व गिफ्ट वाउचर के नाम पर ओटीपी पासवर्ड आदि पूछे जाने पर नहीं बताएं।

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
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