नाथद्वारा के बागरवाड़ा तेजाजी का चौक में बृजवासी परिवार की पुरातन परम्परा के तहत कोड़ा मार होली खेली गई। इसके तहत रंग-गुलाल उड़ेलने पर भाभियों ने उनके देवर पर कोड़े बरसा कर खूब दौड़ाया। कोठियों में रंग युक्त पानी भरकर दूसरे पर खूब उड़ेला। रंगीन पानी की पिचकारी छोडऩे से लोग गुलाल अबीर व रंग से सराबोर हो गए। उसके बाद शाम को परंपरानुसार गेर नृत्य किया, जिसमें देवर ने उनकी भाभियों को दुपट्टे से चंवर ढुलाते हुए सेवा की। ढोल ढमाके पर देवर-भाभी ने रोचक डांग नृत्य किया। रोचक नृत्य देखने के लिए शहर के बड़ी तादाद में लोग एकत्रित हो गए।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned