मिड-डे मील की राशि अटकी, शिक्षकों से उगाही

कोरोना काल में विद्यालय बंद होने से पहले की बकाया है राशि

By: Aswani

Published: 08 Oct 2020, 05:10 PM IST

राजसमंद. कोरोना महामारी के बाद राजकीय विद्यालय बंद हंै। ऐसे में विद्यालय में पकाए जाने वाले मिड डे मील के स्थान पर विद्यार्थियों को घर घर खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। परन्तु फरवरी एवं मार्च माह की मिड डे मील की कंटनजेंसी राशि अभितक विद्यालयों को नहीं मिली है। ऐसे में राशन सामग्री देने वाले दुकानदार शिक्षकों से उगाई कर रहे है। लेकिन आगे से राशि उनलब्ध नहीं होने से दुकानदारों का भुगतान संभव नहीं हो पा रहा है।
जानकारी के अनुसार विद्यालयों में बनने वाले मिड डे मील के लिए सरकार की ओर से गेहंू एवं चावल उपलब्ध करवाएं जाते है। अन्य राशन सामग्री यथा तेल, नमक र्मिच, सब्जी, फल एवं गैस सिलेण्डर के रूप में प्रति विद्यार्थी प्रतिदिन कंटनजेंसी चार्ज दिया जाता है। लम्बे समय से विद्यालयों में बच्चों के लिए अवकाश चल रहे है। ऐसे में राशन सामग्री आदि नहीं खरीदी जा रही है। दुकानदान बकाया राशि के भुगतान की मांग बार बार रह है। जिससे शिक्षक परेशान हो रहे हैं लेकिन विभाग द्वारा सात माह बाद भी मिड डे मील का बकाया भुगतान नहीं किया गया।

दूध योजना की शेष राशि वापस ली
विद्यालयों में चलने वाली अन्नपूर्णा दूध योजना की राशि के भुगतान के बाद विद्यालय के खातों में शेष राशि को विभाग द्वारा वापस ले लिया गया। लेकिन मिड डे मील की बकाया राशि का भुगतान अभितक नहीं किया गया।

दुकानदारों के लिए परेशानी
विद्यालयों में मिड डे मील सामग्री किराना दुकानदार शिक्षकों की पैठ पर उधार दे देते है। जिनका भुगतान तीन से चार माह में होता रहा एवं और सामग्री उधार पर चलती रहती है। जिससे किराना दुकानदारों का व्यापार चलता रहता है। लेकिन विद्यालय बंद होने के बाद न तो सामग्री ली जा रही और न ही बकाया भुगतान आ रहा हैं। ऐसे में छोटे किराना दुकानदार परेशान हो रहे हैं।

Aswani Reporting
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