ताजा और समय पर मिलेंगे दुग्ध उत्पाद, भाड़े की बचत

राजसमंद में गठित होगा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ

By: jitendra paliwal

Published: 25 Feb 2021, 11:46 AM IST

पीपली आचार्यान. बहुप्रतीक्षित राजसमंद दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ खोलने की आखिरकार गहलोत सरकार ने घोषणा कर दी। संघ बनने से न सिर्फ पशुपालकों या किसानों को, बल्कि उपभोक्ताओं को भी ताजा दूध व दुग्ध उत्पाद मिलने लगेंंगे। पशुपालकों व डेयरी संचालकों का भाड़ा भी बचने से उन्हें सीधा फायदा होगा। अभी जिले से दूध संग्रहित कर उदयपुर भेजा जाता है। वहां प्रसंस्करण इकाई के जरिये दूध और दुग्ध उत्पाद फिर से राजसमंद आता है। जिले में ही सहकारी संघ की डेयरी खुलने से उदयपुर तक की दौड़ खत्म होगी। जिले तक तैयार दुग्ध उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर, घी, श्रीखण्ड, छाछ आदि लाने-ले जाने का किराया बचेगा। दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहित होंगे और जिले में पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों के लिए और अवसर बढ़ेंगे।

-- फैक्ट फाइल--
100000 लीटर से ज्यादा दूध रोजाना उत्पादित होता है राजसमंद जिले में। करीब 10 हजार से ज्यादा परिवार जुड़े हैं दुग्ध उत्पादन से व्यावसायिक तौर पर।
15000 लीटर दूध शहरी क्षेत्र से ही उदयपुर तक जाता है प्रोसेसिंग व अवशीतन के लिए
30,00000 रुपए का है प्रतिदिन का कारोबार जिले में दुग्ध और पशुपालन से जुड़े लोगों का

jitendra paliwal
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