दो दर्जन से अधिक मोरों की मौत

कारण स्पष्ट नहीं, जांच केलिए फॉरेंसिक लैब भेजे जाएंगे नमूने

By: Aswani

Published: 23 Apr 2020, 08:50 AM IST

राजसमंद. जिला मुख्यालय के समीप तासोल ग्राम पंचायत के पर्वत खेड़ी गांव में बुधवार को दो दर्जन से अधिक मोरों की मौत हो गई, जबकि कुछ बीमार मिले हैं। पोस्टमार्टम में मौत के सही कारणों का पता नहीं चलने से जांच के नमूने फॉरेंसिक लैब भेजे जाएंगे, साथ ही उदयपुर में स्थित पैथलॉजी में भी जांच करवाई जाएगी।
डीएफओ फतेहसिंह राठौड़ ने बताया कि बुधवार सुबह केलवा पुलिस से सूचना मिली कि पर्वत खेड़ी गांव के पास खेतों तथा पहाडिय़ों के ऊपर कुछ मोरों के शव पड़े हैं तथा कुछ तड़प रहे हैं। इस पर सुबह करीब ११ बजे वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा मोरों के शवों को एक जगह एकत्र किया गया। इस दौरान उन्हें २२ मोर मिले, जिसमें १९ की मौत हो चुकी थी तथा ३ बीमार थे। इस पर तीन पशु चिकित्सकों की टीम ने मोरों का पोस्टमार्टम किया तथा बीमार मिले मोरों का उपचार किया गया। दोपहर बाद भी विभाग को कुछ और मोरों के शव खेतों आदि स्थानों से मिले हैं। इस तरह मोरों की मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।


अनजान बीमारी का खतरा!
डीएफओ ने बताया कि पोस्टमार्टम में मोरों के पेट खाली मिले हैं, जिससे यह कयास लगाया जा रहा है कि कहीं कोई अनजान बीमारी ने मोरों की जान तो नहीं ली। हालांकि उन्होंने जहरीली वस्तु खिलाकर शिकार के लिहाज से भी जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया है। इधर पशुपालन विभाग प्रथम दृष्ट्या इन मौतों का कारण जहरीली वस्तु के सेवन को ही मान रहा है। उनका कहना है कि पेट में कुछ गेहूं के दाने मिले हैं, इसलिए हो सकता है कि उन्हें किसी ने जहरीले दाने डाले हों। हालांकि वे भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। इसलिए जांच के लिए नमूने फॉरेंसिक लैब और उदयपुर में स्थित पैथलॉजी भेजने की तैयारी की गई है। गौरतलब है कि गत दिनों अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी के एक चिडिय़ाघर में एक टाइगर कोरोना वायरस पॉजिटिव आने के बाद से वन्यजीवों पर भी इस वायरस का खतरा मंडरा रहा है।

सिर्फ मादा मोरों की मौत
डीएफओ ने बताया कि अभीतक जो मोरों के शव सामने आए हैं उनमें सभी मादा मोर हैं, नर मोर नहीं मिले हैं। ये पक्ष भी चौकाने वाला सामने आया है।

सैम्पल भेजेंगे...
जिन मोरों के पोस्टमार्टम किया गया है, उनके पेट में कुछ गेहूं के दाने मिले हैं, जिससे प्रथम दृश्ट्या तो यही लगता है कि इन्होंने कोई जहरीली वस्तु का सेवन किया है। लेकिन वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हमने इसके जांच सैम्पल लिए है, जिन्हें विभाग की उदयपुर में स्थित पैथोलॉजी में जांच के लिए भेजा जाएगा। साथ ही सैम्पलों की फॉरेंसिक जांच भी करवाई जाएगी।
-लक्ष्मणसिंह चुंडावत, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, राजसमंद

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