मां जीवन का सार है, विश्वास है

- मदर्स- डे विशेष

By: Rakesh Gandhi

Published: 10 May 2020, 02:31 PM IST

राकेश गांधी
राजसमंद. मां की गोद ही ऐसी जगह है जहां इंसान को सुकून का अहसास होता है। हर परेशानी में इंसान को मां की याद आती है और मां ही होती है जो कभी अपने बच्चों को तकलीफ में नहीं रहने देती। तभी तो कहा जाता है, मां जिन्दगी का विश्वास है, मां जीवन की आस है, मां जीवन का सहारा है तो मां जीवन का सार है, एक मां ही है जो पास नहीं होकर भी हमेशा आसपास है। रविवार को मदर्स-डे है और हमने शहर के कुछ बच्चों से इस संबंध में बात की तो बहुत ही भावनामय पंक्तियां उनके दिल से निकली।

मां की गोद में सुकून के कुछ पल बिता लें
जी में आता है वक्त से कुछ पलों को हम चुरा लें, मां की गोद में सिर रखकर कुछ पल सुकून के बिता लें, दुनियां के संग भागते-भागते थक गए हैं मां, तेरी ममता की छांव तले थोड़ी नीरसता को मिटा लें...
- मां मधु के साथ व्यवसायी आयुष अग्रवाल व पीयूष अग्रवाल


हिम्मत का पाठ पढ़ाती है मां
हिम्मत सिर्फ शारीरिक शक्ति नहीं दिखाती है, बल्कि ये तो दिल और मन का साहस भी होती है। साहस जो आपको बुरे समय में भी डट कर खड़े रहने दे। मां इसी हिम्मत का तो पाठ पढ़ाती है। वो भी बहुत मामूली तरीके से जो जीवन को श्रेष्ठता की ओर अग्रसर करता है। मां आपको दूसरों की अच्छाइयां या गुणों से सीख लेने का सुझाव भी अपनी परवरिश के साथ दे देती है। वो बताती हैं कि बुरे के साथ बुरे मत बनना, लेकिन अच्छे के साथ अच्छा बनने की कोशिश जरूर करना। यही वजह है कि वो खुद के अंदर की अच्छाइयों और खासियतों को बिना सिखाए सिखा देती है।
- मां सायर देवी के साथ दीपक व नीलेश पालीवाल

हर खुशी में खुश रहती है मां
जब शिशु जन्म भी नहीं लेता, उससे पहले ही स्वप्न संजोने लगती है मां। स्वागत में खिलौनो से कमरे को सदा भर देती है मां। अपने हाथों से छोटे-छोटे कपड़े तैयार करती है मां। प्यार से खाना बनाती व खिलाती है मां। हर पल अपना सर्वस्व प्यार लुटाती है मां। सत्य, विश्वास, पराक्रम, सदाचार जीवन में भरती है मां। जीवन के हर पल में साथ खड़ी रहती है मां। निस्वार्थ रह बच्चों की हर खुशी में खुश रहती है मां। धरा सी मजबूत व फूलों से कोमल दुनिया की सबसे महान सजीव मूरत है मां।
- मां गीता जोशी के साथ महिमा जोशी

संस्कारी बनाती है मां
मेरी मां की प्रेरणा और मार्गदर्शन से आज मैं भी अपनी कक्षा में अव्वल रहती हूं। मां नौकरी करती है और हमेशा कहती है, कुछ भी काम करो, लेकिन उसे बेहतर करने की कोशिश करो, तभी सफल बनोगे। पढ़ाई के साथ उनका संस्कारी बनने पर अधिक जोर रहता है। मेरी मां कहती है, बिना संस्कार के शिक्षा व्यर्थ है। मदर्स डे पर मैं अपनी मां को शुभकामनाएं व प्यार प्रेषित करती हूं।
- मां निर्मला के साथ अक्षिता साहू


एक मां है जो कभी खफा नहीं होती
'उसके होठों पर कभी बद् दुआ नहीं होती, बस एक मां है जो कभी खफा नहीं होती।Ó सबसे बड़ा ज्ञान मां के बिना कोई नहीं दे सकता है। भगवान के बाद मां का रूप ही है।
- मां बिंदु के साथ दक्षिता व माही सहलोत

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned