बिजली के बिलों को लेकर सांसद व विधायक की आपत्ति

- मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री को दिए ज्ञापन
- सांसद ने बिल माफ करने को कहा तो विधायक ने स्थाई शुल्क वसूली को बताया अनुचित

By: Rakesh Gandhi

Updated: 24 May 2020, 09:08 AM IST

राजसमंद. बिजली के बिलों को लेकर क्षेत्रीय सांसद व विधायक ने सरकार के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई है। सांसद ने जहां ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला से मुलाकात कर पिछले तीन माह के बिल माफ करने का आग्रह किया है, वहीं विधायक ने भी मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर विद्युत बिलों में स्थाई शुल्क वसूली अनुचित बताया है।
सांसद दीया कुमारी ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन दिया व सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उपभोक्ताओं के पिछले तीन माह के बिजली एवं पानी के बिलों को माफ करने का आग्रह किया। उन्होंनेे कहा कि कोरोना महामारी को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा घोषित किया हुआ है। पूरे देश को लगभग ढाई माह से लॉकडाउन किया हुआ है। इसकी वजह से सभी तरह के उद्योग-धंधे पूर्ण रूप से बंद हैं। लॉकडाउन के चलते हर वर्ग आर्थिक रूप से प्रभावित हुआ है। राजस्थान सरकार द्वारा बिजली के बिलों पर सभी विलंब शुल्क जोड़कर तीन महीने का बिल एक साथ भरने के निर्णय ने आर्थिक संकट से जूझ रहे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डाल दिया है। ऐसे में मार्च, अप्रेल व मई का स्थगित बिल एक साथ मय ब्याज और पेनल्टी वसूलना आमजन के साथ अन्याय होगा। सांसद नेे राज्य सरकार से आदेश तुरंत प्रभाव से वापस लेने और 3 माह का बिजली और पानी के बिल माफ कर जनता को राहत प्रदान करने का आग्रह किया।

विद्युत बिलों में स्थाई शुल्क वसूली अनुचित बताया
विधायक किरण माहेश्वरी ने विद्युत संयोजनों पर महाबंदी अवधि के लिए स्थाई शुल्क की वसूली को अनुचित बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। महाबंदी की घोषणा सरकार ने की एवं इस अवधि में सभी गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगा दी गई थी। ऐसे में विद्युत उपभोक्ता अपना व्यवसाय व रोजगार नहीं कर पाए। इस अवधि में विद्युत निगमों के प्रशासनिक एवं रखरखाव व्यय भी कम हुए, फिर स्थाई शुल्क की वसूली करना अनुचित है। विधायक ने मुख्यमंत्री एवं उर्जा मंत्री को पत्र भेज लिखकर स्थाई शुल्क नहीं वसूलने का आग्रह किया। पूरे राज्य में स्थाई शुल्क की वसूली 3 माह के लिए मात्र 105 करोड़ रुपए है, इससे मुक्त करने पर 1.40 करोड़ उपभोक्ता को बड़ी राहत मिलेगी। वैसे भी निर्धन एवं मध्यम वर्ग के परिवारों के सामने 3 माह के बिल एक साथ जमा करवाने में संकट चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रियंका वाड्रा एवं कांग्रेस के अन्य राष्ट्रीय नेता उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में बिजली के 3 माह के बिलों को पूर्ण माफ करने की जोर-शोर से मांग कर रहे हैं, ऐसे में राजस्थान सरकार को भी नैतिकता के आधार पर 3 माह के बिल माफ कर देने चाहिए।

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
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