scriptNow under the door to door medicine scheme, pl | Government Took Lesson: अब घर-घर औषधि योजना के तहत घर-घर नहीं बटेंगे पौधे | Patrika News

Government Took Lesson: अब घर-घर औषधि योजना के तहत घर-घर नहीं बटेंगे पौधे

- पिछले साल बांटे पौधों में से मात्र 25-30 फीसदी लगे, 10 लाख से अधिक पौधों किए थे वितरित , अब इच्छुक व्यक्ति नि:शुल्क नर्सरी से ले सकेंगे पौधे, सर्वे में हुआ खुलासा

राजसमंद

Updated: June 19, 2022 03:58:10 pm

हिमांशु धवल@ राजसमंद. प्रदेश के लोगों की इन्युनिटी बढ़ाने के उद्धेश्य से पिछले साल सरकार ने घर-घर औषधि पौधा वितरण योजना प्रारंभ की थी। इसके तहत प्रत्येक परिवार को नि:शुल्क 4-4 पौधे वितरित किए थे। इसके पश्चात सरकार की ओर से सर्वे कराया गया। इसमें मात्र 20-25 फीसदी ही पौधे लगे, शेष पौधों की सार-संभाल के अभाव में खराब हो गए। इसके चलते सरकार ने इस वर्ष घर-घर पौधे वितरण की जगह जरूरतमंद को नर्सरी से नि:शुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
वन विभाग की ओर से जिले में पिछले साल 10.65 लाख औषधिय पौधों का वितरण किया गया था। योजना के तहत घर-घर जाकर तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा और कालमेघ के दो-दो पौधे वितरित किए। इन्हें घर पर गमलों में लगाया जा सकता है। इनके दैनिक उपयोग से इम्युनिटी बढ़ती है, लेकिन आमजन की अनदेखी और सार-संभाल के अभाव में 90 से 80 फीसदी पौधे खराब हो गए। इसके कारण सरकार ने इस वर्ष नर्सरी से ही पौधों का वितरण करने के निर्देश वन विभाग को दिए हैं। इसके तहत जिले की सभी नर्सरी से पौधों का वितरण किया जाएगा। वन विभाग की इसकी तैयारी में जुटा है।
Government Took Lesson:  अब घर-घर औषधि योजना के तहत घर-घर नहीं बटेंगे पौधे
राजसमंद. औषधिय पौध
योजना का उद्धेश्य
कोरोना के कारण कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जिन लोगों की इम्युनिटी अच्छी थी वह ग्रस्ति होने के बावजूद ठीक हो गए। आने वाले समय में महामारी के बने रहने की आंशका के चलते राज्य सरकार ने आमजन को स्वस्थ रखने और जागरुक करने के लिए घर-घर औषधि योजना शुरू की। आयुर्वेद में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा और कालमेघ जैसे औषधीय पौधों को इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अच्छी बताया था।
यह है योजना
राजस्थान सरकार ने लोगों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए 5 जुलाई 2021 को घर-घर औषधि योजना प्रारंभ की। इसे वन विभाग के माध्यम से शुरू किया गया। प्रत्येक परिवार को तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा और कालमेघ के 2-2 पौधे नि:शुल्क वितरित किए गए और इनके उपयोग की जानकारी भी दी गई। योजना को 2024 तक जारी रहेगी।
पिछले साल बांटे थे 10.65 लाख पौधों
जिल में वन विभाग की ओर योजना के तहत 10 लाख 65 हजार पौधों का वितरण किया गया था। इसके तहत राजसमंद, कुंभलगढ़, खमनौर, देलवाड़ा, भीम, रेलमगरा, आमेट और देवगढ़ पंचायत समिति में पौधे नि:शुल्क बांटे । शहरी क्षेत्र में राजसमंद, नाथद्वारा, आमेट और देवगढ़ नगरीय निकाय में पौंधों का वितरण किया गया। लेकिन इसमें मात्र 25-30 फीसदी पौधे लगे। इसके अलावा सभी पौधे देखरेख और सार संभाल के अभाव में खराब हो गए।
अब नर्सरी से ले सकेंगे नि:शुल्क पौधे
जिले में घर-घर औषधि योजना के तहत पिछले साल नि:शुल्क घर-घर जाकर पौधों का वितरण किया था, लेकिन इसमें मात्र 25-30 प्रतिशत ही पौधे लगने के कारण सरकार ने इस बार घर-घर जाकर बांटने के स्थान पर नर्सरी पर ही नि:शुल्क वितरण करने के निर्देश दिए हैं।
- विनोद कुमार रॉय, डीएफओ वन विभाग

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्र के अगले सीएम, देवेंद्र फडणवीस ने किया ऐलानMaharashtra: एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्र के नए सीएम, आज शाम होगा शपथ ग्रहण समारोहAgnipath Scheme: अग्निपथ स्कीम के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने वाला पहला राज्य बना पंजाब, कांग्रेस व अकाली दल ने भी किया समर्थनPresidential Election 2022: लालू प्रसाद यादव भी लड़ेंगे राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव! जानिए क्या है पूरा मामलाMumbai News Live Updates: एकनाथ शिंदे ने कहा- 50 विधायकों का भरोसा कभी टूटने नहीं दूंगाMaharashtra Political Crisis: उद्धव के इस्तीफे पर नरोत्तम मिश्रा ने दिया बड़ा बयान, कहा- महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा का दिखा प्रभावप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MSME के लिए लांच की नई स्कीम, कहा- 18 हजार छोटे करोबारियों को ट्रांसफर किए 500 करोड़ रुपएDelhi MLA Salary Hike: दिल्ली के 70 विधायकों को जल्द मिलेगी 90 हजार रुपए सैलरी, जानिए अभी कितना और कैसे मिलता है वेतन
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.