scriptइस जिले के पैंथर हो गए आदमखोर, एक माह में तीन को बनाया निवाला | Panthers of this district have become man-eaters, devoured three people in a month | Patrika News
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इस जिले के पैंथर हो गए आदमखोर, एक माह में तीन को बनाया निवाला

जिले में लोगों में दशहत व्याप्त, वन विभाग ने भी सुनसान क्षेत्र में अकेले जाने से किया मना
पिछले एक माह में दो युवक और एक बच्चे की हो चुकी है मौत, ग्रामीणों में रोष व्याप्त

राजसमंदJun 30, 2024 / 11:05 am

himanshu dhawal

पैंथर को पकडऩे के लिए लगाया पिंजरा

राजसमंद. जिले में लगातार बढ़ते जा रहे पैंथर के हमलों से आमजन में भय व्याप्त है। सुनसान क्षेत्र में सूर्यास्त के बाद से लोग आवाजाही करने से कतराने लगे हैं। जिले में एक माह में तीन लोग पैंथर का ग्रास बन चुके हैं। जिले में पिछले कई दिनों से आमजन पर पैंथर के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पैंथर का ग्रास बने पुठोल निवासी रणसिंह (42) मजदूरी कर अपना गुजारा करता था। उसकी शादी भी नहीं की थी। मार्बल एरिया क्षेत्र में पैंथर देखा जाना आमबात हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने भी सूर्यास्त के बाद सुनसान एवं जंगल वाले क्षेत्र में अकेले जाने के स्थान पर झुंड में जाने की सलाह दी है। उल्लेखनीय है कि पिछले एक माह में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

एक सप्ताह पहले मिला था जंगल में युवक का कंकाल

निकटवर्ती गांव बोरज का खेड़ा गांव के जंगल में 19 वर्षीय युवक का कंकाल मिला था। 18 जून को परिजनों ने राजनगर पुलिस थाने में राधेश्याम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 23 जून को जंगल में एक चरवाहा की नजर एक पेंट पर पड़ी। आगे चलकर देखा तो कुछ कपड़े आदि नजर आए। मृतक की पहचान राधेश्याम के रूप में हुई। पुलिस व ग्रामीणों का प्रथम दृ़ष्टया मानना है कि संभावत पैंथर ने ही युवक का शिकार किया गया है। मृतक के डीएनए सेम्पल लिया है। हालांकि रिपोर्ट आने पर ही वास्तविक स्थिति का पता चलेगा।

एक माह पहले ढ़ाई माह के बच्चे को ले गया था पैंथर

देलवाड़ा स्थित गोडवा भील बस्ती में 30 मई की रात्रि को घर के बाहर आंगन में मां और मौसी के पास सो रहे दो वर्षीय बालक को पैंथर उठा ले गया था। आदिवासी बस्ती गोडवा में बालक नीतेश, मां सुरेशी, भाई तथा मौसी के साथ घर के आंगन में सो रहा था। रात करीब ढाई बजे नीतेश को पैंथर ने दबोच लिया। उसके रोने की आवाज सुनकर मां और मौसी की नींद खुली तो उन्होंने हल्ला करते हुए बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन पैंथर बच्चे को लेकर जंगल की तरफ भाग गया। दिन निकलने पर ग्रामीणों ने फिर से बच्चे की तलाश शुरू की तो बस्ती से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नीतेश के सिर का क्षत-विक्षत हिस्सा मिला था।

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