अवैध और इजाजत से ज्यादा खनन पर जिंक पर 7.5 करोड़ की पैनल्टी

8 और 5 वर्ष पुराने दो मामलों की ऑडिट पैरा में खान विभाग ने पकड़ी थी अनियमितताएं

By: jitendra paliwal

Updated: 21 Nov 2020, 11:20 AM IST

राजसमंद. हिन्दुस्तान जिंक की दरीबा, सिंदेसर खुद और राजपुरा स्थित इकाइयों में अवैध मिरनल खनन और अनुमति से ज्यादा खनन के मामले में खान विभाग ने कुल साढ़े सात करोड़ रुपए की पैनल्टी के दो डिमांड नोट जारी किए हैं।

सहायक खनि अभियंता (वसूली), राजसमंद द्वितीय ने रेलमगरा तहसील क्षेत्र में स्थित हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड दरीबा व सिंदेसर खुद इकाइयों को जारी नोटिस में बताया कि वर्ष 2015-16 में अनुमोदित खनन योजना के तहत क्षमता से ज्यादा उत्पादन किया गया। यह अनियमितता ऑडिट पैरा में पकड़ में आई, जिसके आधार पर अवैध खनन का 4 करोड़ 98 लाख 14 हजार 973 रुपए की पैनल्टी लगाई गई है।

इसी तरह तरह हिन्दुस्तान जिंक राजपुरा, दरीबा और सिंदेसर खुर्द इकाई को एक अन्य नोटिस मैसनरी स्टोन के अवैध खनन को लेकर जारी किया गया है। बताया कि वर्ष 2013-14 में मैसनरी स्टोन के अवैध खनन करने का मामला पकड़ में आया। ऑडिट पैरा के मुताबिक बिना अनुमति के मैसनरी स्टोन खोदकर लीज एरिया में अप्रोच रोड बनाने में उसका इस्तेमाल किया जा रहा था। जिंक ने इस मामले में दो करोड़ 49 लाख 90 हजार रुपए की पैनल्टी लगाई है।

पैसा जमा कराने के निर्देश
खान विभाग ने दोनों डिमांड नोट हिन्दुस्तान जिंक को जारी कर पैसा जमा कराने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि इससे पहले भी दोनों मामलों में जिंक को कई नोटिस जारी किए गए थे, जिसे लेकर जिंक की ओर से दिए जवाब में उन्होंने विभाग की ओर से तय अनियमितताओं के आरोपों को सही नहीं माना।

आईबीएम ने भी माना अवैध खनन
भारतीय खान ब्यूरो ने भी इन मामलों को लेकर अदालती निर्देशों का हवाला देते हुए नोटिस जारी किया था। ऑडिट पैरा में आईबीएम ने अवैध व अनुमति के विपरीत खनन की अनियमितता का हवाला दिया था।

हिन्दुस्तान जिंक को दो मामलों में कुल साढ़े सात करोड़ रुपए की पैनल्टी जमा करवाने को कहा है। नोटिस रजिस्टर्ड डाक से भेजे हैं। जो भी होगा, अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
ललित बाछरा, खनि अभियंता, द्वितीय, राजसमंद

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