अभिभावक बोले निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन क्यों नहीं कस रहा शिकंजा

उच्च शिक्षा मंत्री, सांसद व जिला कलक्टर को दिया ज्ञापन

By: laxman singh

Published: 15 May 2018, 12:09 PM IST

राजसमंद. निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सोमवार को अभिभावकों का एक दल उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी, सांसद हरिओमसिंह राठौड़ और अतिरिक्त कलक्टर बृजमोहन बैरवा से मिला। दल ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए ज्ञापन सौंपा। साथ ही आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के साथ स्कूल प्रबंधन द्वारा भेदभाव किए जाने का भी आरोप लगाया। अभिभावकों का दल सुबह करीब ११ बजे कलक्टर के बाहर पार्क में एकत्र हुआ। यहां बैठक करने बाद यहीं कलक्ट्रेट में ही मंत्री, सांसद व अतिरिक्त कलक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अभिभावकों ने लिखा है कि जिले में जो निजी शिक्षण संस्थान खुली हैं, इसमें किसी भी तरह की फीस निर्धारित नहीं है। साथ ही सालाना फीस, गर्मी में बंद बसों की फीस, स्मार्ट क्लासेज नहीं होने के बावजूद फीस, वार्षिक समारोह की फीस, कंप्यूटर की फीस, फोटो फ्रेम बनाकर देने सहित कई अन्य तरह की फीस वसूली जाती है। जिसे जमा करवाने में मध्यमवर्गी परिवार असमर्थ रहता है। जिसकी वजह से बच्चों के मन में ठेस पहुंचती है। स्कूल में बच्चों को आए दिन प्रताडि़त किया जाता है। यहां तक की बच्चों को ये भी कह दिया जाता है कि आप अपने घर रहो, या अपने माता पिता को बोलो की फीस जमा करवाएं। साथ ही निजी स्कूलों की तरफ से बच्चों को कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। स्कूलों बसों में उन्हें ठंूस-ठंूस कर भरा जाता है। जबकि पूर्व में जिले इस कारण कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापक, प्रधानचार्य, और बस ड्राइवरों का भी सत्यापन तक नहीं है। कमीशन के चक्कर में स्कूल परिसर व चिह्नित दुकान से ही पुस्तकें, ड्रेस, टाई, शूज, बैग इत्यादि लेने को कहा जाता है। अभिभावकों द्वारा शिकायत करने पर उन्हे बच्चों को अनत्र पढ़ाने की धमकी तक दिए जाने का आरोप लगाया है।

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