निजी विद्यालय पाठ्यक्रम व पोशाक में नहीं करेंगे अनावश्यक परिवर्तन

- शिक्षाकुल सेवा संस्थान का निर्णय

By: Rakesh Gandhi

Updated: 10 Apr 2020, 01:37 PM IST

राजसमंद. राजसमंद के निजी विद्यालय संघ ने नवीन सत्र में पाठ्यक्रम एवं विद्यालय पोशाक में अनावश्यक परिवर्तन नहीं करने का निर्णय किया है। साथ ही विद्यार्थियों को अतिरिक्त सुविधाएं देने का अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
शिक्षाकुल सेवा संस्थान के सचिव मुकेश वैष्णव ने बताया कि विद्यालयों ने एकमत होकर निर्णय किया है कि आगामी नवीन सत्र में पाठ्यक्रम एवं विद्यालय पोशाक में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा और न ही विद्यार्थियों को दी गई अतिरिक्त सुविधाओं के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग रखी है कि टेलीकॉम कम्पनियों से कहकर बच्चों के लिए एक्स्ट्रा डाटा उपलब्ध करवाया जाए, ताकि ऑनलाइन पढ़ाई में उन्हें किसी प्रकार की बाधा नहीं आए। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 500 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें मात्र 7 विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हैं। नोवल कोरोना वायरस डी-19 के प्रकोप के चलते एक भी विद्यालय ने नया सत्र प्रारम्भ नहीं किया है। लगभग 490 विद्यालयों में तो वार्षिक परीक्षाएं भी नहीं हुई है।

बकाया फीस के लिए नहीं भेजा नोटिस
उन्होंने बताया कि जिले के किसी भी विद्यालय ने सत्र 2019-20 की बकाया फीस के लिए कोई नोटिस नहीं भेजा है। साथ ही निजी विद्यालयों में कर्मचारियों को मार्च माह के वेतन भुगतान का कार्य भी प्रारम्भ हो गया है। संगठन से जुड़े विद्यालयों के कर्मचारियों को मार्च माह का सम्पूर्ण वेतन दिया जाएगा। निजी विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन अध्यापन कार्य शिक्षा में नवाचार है, जिससे विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। निजी स्कूलों की मंशा है कि विद्यार्थियों की किसी भी तरह से शिक्षा प्रभावित नहीं हो। उन्होंने बताया कि निजी विद्यालय मुख्यमंत्री राहत कोष, प्रधानमंत्री केयर कोष स्थानीय निकायों में सहयोग के अतिरिक्त भोजन पैकेट, मास्क निर्माण एवं वितरण में कार्यरत है।

निजी स्कूलों को नहीं मिली पुनर्भरण राशि
नि:शुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत अध्ययनरत बालकों की सरकार द्वारा अभी तक सत्र 2019-20 की पुनर्भरण राशि का भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में निजी विद्यालयों का संचालन कैसे सम्भव होगा। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned