रेत माफिया पर डंडा चलाने में राजसमंद 5वें स्थान पर

भीलवाड़ा अव्वल, धौलपुर सबसे पीछे

By: Aswani

Published: 25 Oct 2020, 07:41 PM IST

राजसमंद. नदियों का रेत माफियाओं ने सीना छलनी कर दिया है। अब नदियों में रेत कम पत्थर ज्यादा नजर आते हैं। लेकिन अब सरकार के आदेश पर विभाग हरकत में आया है और प्रदेश के चयनित जिलों में रेत माफिया के खिलाफ धरपकड़ शुरू हुई है। 15 अक्टूबर से शुरू हुए अभियान में अबतक प्रदेश में २२९ कार्रवाई हुई हैं। जिसमें राजसमंद जिला 22 कार्रवाई के साथ ५वें स्थान पर हैं, जबकि भीलवाड़ा 64 कार्रवाई के साथ अव्वल है। वहीं धोलपुर में अभीतक सबसे कम महज 3 कार्रवाई हुई है।

खाते की जमीन पर अवैध खनन!
विभाग ने २२ से अधिक कार्रवाई की गई हैं, जिसमें ४ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई हैं वहीं २ लाख ७९ हजार २०० रुपए भी वसूल किए हैं। जबकि जेसीबी, टै्रक्टर-ट्रॉली सहित १५ वाहन भी जप्त किए हैं। साथ ही दो खातेधारकों पर भी रेती का अवैध दोहन करवाने पर कार्रवाई की गई है।


12 लाख के राजस्व का नुकसान
राजसमंद जिले में खाते की जमीन पर अवैध रेती का खनन बड़े स्तर पर होता है। इसीक्रम में विभाग ने शिकंजा कसते हुए आमेट में चंद्रभागा नदी किनारे के दो खाताधारकों पर कार्रवाई कर एफआईआर भी दर्ज करवाई। आमेट तहसील के घोसुंडी पंचायत के भीलमगरा गांव निवासी देवकिशन पुत्र हीरा सुथार द्वारा अपने खाते की भूमि पर अवैध खनन कर उसका बेचान करना पाया गया। इस दौरान खाता धारक ने अपने खेत पर करीब ३० मीटर लम्बा तथा ३५ मीटर गहरा खनन कर रखा था। विभाग ने खातेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। इसीतरह इसीगांव के रमेशचंद्र पुत्र बालकिशन माली के खिलाफ भी खेत से रेत निकालकर बेचने का मामला दर्ज करवाया है। रमेशचंद्र के खेत पर भी करीब ३० मीटर लम्बा व ३० मीटर गहरा गड्ढा पाया गया। दोनों खाताधारकों पर करीब १२ लाख रुपए की राजस्व हानि का आरोप है।


अभियान जारी है...
15 अक्टूबर से चलाए जा रहे अभियान के तहत हम रोजाना रेती का अवैध दोहन कर रहे लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं। अभी ये कार्रवाई जारी रहेगी।
एके नंदवाना, एसएमई, राजसमंद

Aswani Reporting
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