राजसमंद के लिए बजट को किसी ने बताई नाउम्मीदी, तो कोई बोला- उम्दा

गहलोत सरकार के तीसरे बजट से राजसमंद को मिलीं कई सौगातें

By: jitendra paliwal

Updated: 25 Feb 2021, 11:25 AM IST

राजसमंद. गहलोत सरकार के बजट से राजसमंद जिले को यूं तो बहुत कुछ मिला है, लेकिन कुछ उम्मीदें अधूरी भी रहीं। हर कोई इसे लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया जता रहा है।

बजट पर जिला प्रमुख रतनी देवीचौधरी ने कहा कि बजट केवल विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर आया है।
भाजपा के चुनाव प्रबंधक वीरेंद्र सिंह चौहान ने इसे आम जनता के लिए नाउम्मीद से भरा हुआ और धरातल पर बेअसर साबित होने वाला बजट बताया। चौहान ने कहा कि सरकार की साख बचाने और आंतरिक सत्ता के संघर्ष में मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने रखने का जतन मात्र है।

नगर परिषद सभापति अशोक टांक ने हर वर्ग के लिए हितकार एवं विकास की दृष्टि से कारगर बताते हुए स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के चलते परिस्थितयां विषम होने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने हर हाल में विकास की गति बरकरार रखने के लिए जिस तरह दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है, वह हर्ष का विषय है।
कुंभलगढ़ विधानसभा के जनप्रतिनिधियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए चारभुजा के लक्ष्मण गुर्जर ने कुंभलगढ़ आमेट विधानसभावासियों के लिए इस बजट को निराशाजनक बताया।

हर वर्ग के लिए हितकारी
वर्ग के लिए हितकारी एवं विकास की दृष्टि से कारगर बजट। चिकित्सा क्षेत्र में नए प्रावधान से राहत मिलेगी।
देवकीनंदन गुर्जर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष

फिर थमाया है झुनझुना
मेरी माता किरण माहेश्वरी को सम्मान देने पर मुख्यमंत्री का आभार। बजट में विकास की दृष्टि नहीं झलक रही है। बिना वित्त प्रबंधन के घोषणाएं पूरी नहीं हुईं तो यह जनता के साथ एक तरह का छलावा ही है।
दीप्ति माहेश्वरी, भाजपा नेत्री

70 साल में पहली बार...
अनेक चुनौतियों के बावजूद एक बेहतरीन बजट दिया है, जिसमें हर वर्ग, हर क्षेत्र, हर धर्म को ध्यान में रखा गया। कोई नए कर नहीं लगाए हैं। भीम-देवगढ़ के 70 सालो में सबसे अच्छा बजट है।
सुदर्शन सिंह, विधायक

जनता खुद दे चुकी है अपना जवाब
उपचुनाव को लेकर बजट की थोथीघोषणा है, पिछले सवा घोषणाएं। दो वर्षों में अब तक धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ, जिसका जनता ने पिछले पंचायत चुनाव एवं नगरपालिका चुनाव में उल्टा परिणाम देकर जवाब दे दिया।
हरि सिंह रावत, पूर्व विधायक, भीम-देवगढ़

कुम्भलगढ़ को तवज्जो नहीं
कुंभलगढ़ क्षेत्र के कार्योंं को कोई तवज्जो नहीं दी गई। दो वर्षों से बेड़च नाके निर्माण की स्वीकृति की मांग की जा रही है । साथ ही आमेट कोशीथल वाया जिलोला सड़क दोहरीकरण के निर्माण को भी स्वीकृति नहीं दी गई। इस सड़क के लिए स्थानीय कांग्रेसी नेताओं द्वारा भी मांग की जा रही थी।
सुरेन्द्र सिंह राठौड़, विधायक, कुम्भलगढ़

राजसमंद की बड़ी उम्मीदें हो गईं धराशायी
राजसमंद की जनता को जो बड़ी उम्मीदें थीं, उनमें से कुछ नहीं मिला। मेडिकल कॉलेज की बातें हवाई निकली। पिछले दिनों तीन-तीन मंत्रियों ने जो चुनावी घोषणाएं की थीं, उनका भी बजट में मुख्यमंत्री ने कोई जिक्र नहीं किया। इसका मतलब क्या है, जनता खुद समझे तो बेहतर है।
वीरेन्द्र पुरोहित, भाजपा जिलाध्यक्ष

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