Video : रामदरबार गोमती एनिकट छलका, चलने लगी चादर

- राजसमंद झील में पानी आने की उम्मीद बंधी

By: Rakesh Gandhi

Published: 23 Aug 2020, 07:28 PM IST

राजसमंद. श्रावण मास में तरसाने के बाद भादो मास के अंतिम दिनों में बारिश ने अपना रंग दिखाना शुरू किया है। जिले में राजसमंद झील समेत कई जलस्रोत हैं जो अभी खाली पड़े हैं। शनिवार रात को जिले के कुछ स्थानों पर हुई मूसलाधार से इन जलस्रोतों में पानी आने की उम्मीद बनी है।
रामदरबार गोमती एनिकट छलकने से राजसमंद झील तक के 32 किलोमीटर लम्बे जल मार्ग में कोई पांच एनिकट हैं। सेवन्त्री गांव स्थित ये गोमती का उद्गम स्थल भी है। इन पांचों एनिकट को भरते हुए ये पानी राजसमंद झील में पहुंचेगा। इसके लिए जरूरी है कि जलग्रहण क्षेत्रों में तेज बारिश का क्रम बना रहे। इससे पूर्व पन्द्रह फीट की भराव क्षमता वाला ये रामदरबार एनिकट करीब दस फीट खाली था। शनिवार को तेज मूसलाधार के बाद रविवार सवेरे ठीक पांच बजे ये छलक पड़ा और इस पर दो इंच की चादर चल पड़ी। गत वर्ष ये 19 अगस्त को छलका था।

तेज गर्जना के साथ हुई बारिश
इसी बीच, जिले में रविवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। सुबह आसमान साफ था, लेकिन दोपहर बाद बादल घिर आए और करीब पौन घंटे मध्यम गति की बारिश हुई। बारिश से शहर की सड़कों और नालियों में पानी बहा। पिछले चार दिनों से जारी बारिश का दौर रविवार को भी चला। शहर में दोपहर करीब दो बजे से घने बादल घिरने शुरू हो गए। ढाई बजे एक बार २० मिनट के लिए तेज बारिश हुई। बाद में शाम पांच बजे से फिर बारिश का दौैर शुरू हुआ जो करीब पौने एक घंटे तक जारी रहा। इन दिनों लगातार बारिश होने से जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई है। हालांकि अभी भी जोरदार बारिश की दरकार है, क्योंकि अभी जिले में औसत बारिश भी नहीं हुई है।

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