70 लाख के सौर उर्जा प्लांट में लापरवाही का अंधेरा

रखरखाव के आभाव में सारी लाइटें हुई बंद

चारभुजा. जिम्मेदारों की लापरवाही की एक बानगी जिले के चारभुजा में देखने को मिलती है। यहां एक वर्ष पूर्व 70 लाख रुपए की लागत से लगाया गया सौर ऊर्जा प्लांट रख-रखाव के अभाव में नकारा हो गया है। प्लांट के माध्यम से कस्बे में लगाई गई लाइटें बंद है। इसका सीधा खमियाजा यहां के स्थानीय निवासियों के साथ ही चारभुजानाथ के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को उठाना पड़ रहा है। अंधेरे में श्रद्धालुओं को ठोकरें खानी पड़ रही हैं। धार्मिक नगरी चारभुजा में मास्टर प्लान के तहत मंदिर, बसस्टैण्ड, पार्किंग स्थल व मंदिर मार्ग, बायपास तक सौर ऊर्जा की लाइटें लगाने की पूर्व मुख्य मंत्री वसुन्धराराजे ने अनुशंसा की। 4 अगस्त 2018 को सुराज संकल्प यात्रा के दौरान देवस्थान विभाग के ठेकेदार द्वारा आनान-फानन में ७० लाख रुपए की लागत से यात्रा के चार दिन पूर्व ही लाइटें लगा दी गईं। दो माह तक तो लाइटें सही जली लेकिन इसके बाद एक-एक कर बंद होने लगी। लोगों की शिकायत पर एकबार तो ठेकेदार ने लाइटें सही करवाई लेकिन दोबारा किसी ने सुध नहीं ली। जिससे वर्तमान में कस्बे की सभी लाइटें बंद हैं और खमियाजा धर्मनगरी में आनेवाले दर्शनार्थियों, स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ रहा है।


छह माह से सभी लाइटें बंद
पिछले 6 माह से सौर ऊर्जा की पूरी तरह से 150 लाइटें बंद हैं। जिससे शाम ढलते ही यहां गलियों और सड़कों पर अंधेरा पसर जाता है।

नहीं दी जिम्मेदारी
ग्रामीण लगातार मुझसे लाइटें बंद होने की शिकायत कर रहे हैं। यह लाइटें पंचायत ने नहीं लगवाई हैं। देवस्थान विभाग द्वारा दिए गए ठेके के आधार पर लाइटें लगाई गई हैं। जिससे हम उनकी सार-सम्भाल नहीं कर सकते। देवस्थान विभाग के अधिकारियों से मैंने कहा था लेकिन वह कोई संतुष्टीपूर्ण जवाब नहीं देते। जिससे यह समस्या बनी हुई है।
-नाथूलाल गुर्जर, सरपंच, चारभुजा

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