कौन आदमी रात में क्वार्ट्ज खोदकर ले जा रहा, मुझे सब जानकारी है: विधानसभाध्यक्ष

झालों की मदार-गांवगुड़ा सीमा पर चरागाह भूमि में क्वार्ट्ज पत्थरों के अवैध खनन का मामला

By: jitendra paliwal

Published: 14 Jan 2021, 11:45 AM IST

खमनोर. विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने बुधवार को खमनोर ब्लॉक की भैंसाकमेड़ ग्राम पंचायत में कहा कि मैं भले ही जयपुर में बैठा हूं, मगर मैं मोबाइल के माध्यम से सब जानकारी रखता हूं। मुझे मालूम है गांव में क्या हो रहा है और क्या नहीं। रात में यहां पर कौन आदमी क्वार्ट्ज के पत्थर ले जा रहा है मुझे जानकारी है। आपको नहीं होगी। मैं बोलूं क्या नाम किसी का सब ध्यान रखता हूं मैं। पर मैं इसलिए नहीं बोलता हूं कि अपन किसी को रोजगार दे ही नहीं रहे हैं तो किसी का रोजगार क्यों छीनें! विधानसभाध्यक्ष ने आगे कहा कि वे लोग जो काम कर रहे हैं, उनमें यदि सुधार नहीं हुआ तो फिर दो आदमी खड़े होंगे, चार होंगे और आपस में झगड़ा होगा, फिर पुलिस आएगी, फिर क्या होगा? ये सब चीजें मैं जानता हूं, लेकिन बातें जानने के बाद मुझे दुख होता है। उल्लेखनीय है कि इलाके की झालों की मदार व गांवगुड़ा ग्राम पंचायतों की सीमा पर स्थित चरागाह भूमि में खनन माफिया द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन करने और करोड़ों रुपए के क्वार्ट्ज पत्थरों की तस्करी का मामला भी इन दिनों सुर्खियों में है।

पंचायतीराज, खान विभाग ताक रहे एक-दूजे को
ब्लॉक की झालों की मदार-ंगांवगुड़ा ग्राम पंचायतों की सीमा पर स्थित चरागाह भूमि में खनन माफियाओं द्वारा करोड़ों रुपए के क्वाट्र्ज पत्थरों की संपदा खोद ले जाने का मामला उजागर होने के 10 दिन बाद भी पंचायतीराज और खान विभाग एक-दूसरे का मुंह ताक रहे हैं। कभी पंचायतीराज विभाग सीमा जानकारी के बहाने गेंद राजस्व विभाग के पाले में उछाल रहा है तो कभी खान विभाग अवैध खनन पर कार्रवाई की पहल के इंतजार में मामला पंचायतीराज विभाग के माथे मढ़ रहा है। अभी तक तो यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि चरागाह में अवैध खनन का मामला किस पंचायत में आ रहा है। दोनों पंचायतों में कोई यह मानने को तैयार नहीं है कि जहां चरागाह भूमि में अवैध खनन हुआ, वह हिस्सा उनके इलाके में है।

बीडीओ ने तहसीलदार से मांगी सीमा के बारे में जानकारी
तहसीलदार सोहनलाल शर्मा ने गांवगुड़ा सरपंच किशनलाल गमेती की शिकायत पर 4 जनवरी 2021 को ही मौका मुआयना कर रिपोर्ट बीडीओ, पुलिस और खान विभाग को भेज दी थी। बीडीओ नीता पारीक ने सीमा जानकारी के लिए तहसीलदार को लिखा है। इधर, खान विभाग अभी भी मामलेमें कुछ नहीं कर पाया है। खान अधिकारी चारागाह भूमि की संरक्षक ग्राम पंचायत के भरोसे हैं। पंचायतीराज विभाग और खान विभाग दोनों ही जल्द और ठोस कार्रवाई शुरू करने की बजाय कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी तो अभी भी नींद में ही है! पीडब्ल्यूडी विभाग की तो माफियाओं के चारागाह भूमि खोदते-खोदते सड़क सीमा तक घुस आने और सड़क के खतरनाक हो जाने की शिकायत पर भी नींद नहीं खुल रही है। झालों की मदार पंचायत ने अस्थायी समाधान के तौर पर क्षतिग्रस्त सड़क के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाया है और सड़क के दूसरी ओर आवागमन का वैकल्पिक रास्ता बनाया है।

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