परीक्षाओं को लेकर संशय में विद्यार्थी

नर्सिंग सहित अन्य कोर्स कर रहे द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी परेशान
गत दिवस कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा

By: Aswani

Updated: 24 Oct 2020, 09:40 AM IST

राजसमंद. कोविड-19 की वजह से बाधित हुई परीक्षाओं के बाद सरकार के स्पष्ट आदेश नहीं मिलने से विद्यार्थियों की परेशानी खासी बढ़ गई है। वे परीक्षाओं को लेकर संशय में है। गत दिनों मेडिकल से जुड़े द्वितीय और तृतीय वर्ष की पढ़ाईकर रहे विद्यार्थी कलक्टर के पास भी फरियाद लेकर आए। विद्यार्थियों का कहना है कि अन्य प्रदेशों में विद्यार्थियों को प्रमोट कर उनका परिणाम जारी कर दिया गया है, लेकिन राजस्थान में अभीतक विद्यार्थी संशय में हैं कि परीक्षा होगी या उन्हें प्रमोट किया जाएगा। इससे उनका भविष्य अधर में फंसा हुआ है।


भविष्य के साथ खिलवाड़
छात्रों का कहना है कि इंडियन नर्सिंग काउंसलिंग ने १ जुलाई को कोरोना महामारी को देखते हुए नर्सिंग छात्रों को आगामी कक्षा में प्रमोट करने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश को संज्ञान में लेकर अन्य राज्यों ने विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया। लेकिन राजस्थान में आरएनसी व आरयूएचएस ने अभीतक कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए।


कोरोना में पढ़ाई नहीं हुई
विद्यार्थियों ने बताया कि कोरोना के समय उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर घर-घर कोरोना मरीजों का सर्वे किया। इस दौरान उन्हें पढ़ाई करने का समय नहीं मिला। ऐसे में उन्हें प्रमोट किया जाना चाहिए।


14 विश्वविद्यालय के विद्यार्थी होंगे प्रोन्नत
संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा डॉ. मोहम्मद नईम ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर बताया कि कोविड-19 के चलते प्रथम वर्ष/सेमेस्टर एवं मध्यवर्ती वर्षों/सेमेस्टर के विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया जाएगा। इसमें उन्होंने प्रदेश के १४ विश्वविद्यालयों से संबंधित कुल सचिवों को आदेश दिया है। १४ विश्वविद्यालयों में मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय भी है। इस आदेश के बाद से एलएलबी के प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को भी राहत मिली है। उन्हें भी इस आदेश के तहत प्रमोट किया जाएगा। हालांकि अभी प्रमोट करने के लिए मार्कशीट आदि आने में समय लग सकता है।

Aswani Reporting
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