गोचर व सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, जिम्मेदार मौन!

- खमनोर ब्लॉक की गांवगुड़ा पंचायत व पाखण्ड में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग

By: Rakesh Gandhi

Published: 17 Sep 2020, 02:17 PM IST

खमनोर/राजसमंद. ब्लॉक की गांवगुड़ा ग्राम पंचायत में सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि पर कतिपय लोगों ने अतिक्रमण कर लिए हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार मौन हैं। इसी तरह नाथद्वारा तहसील में पाखण्ड ग्राम पंचायत मुख्यालय पर बेशकीमती सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर किए जा रहा अवैध निर्माण ध्वस्त कराने की मांग की गई है।

गांवगुड़ा पंचायत की रत्नावतों की भागल, गांवगुड़ा, रांकड़ का भीलवाड़ा और सपतलियों का भीलवाड़ा राजस्व गांवों में करीब एक हजार तीन सौ बीघा चरागाह भूमि स्थित है। इसमें से सैकड़ों बीघा भूमि पर लोगों ने अवैध कब्जे कर लिए हैं। ज्यादातर अतिक्रमी वोटबैंक की राजनीति की संजीवनी से बच रहे हैं। पंचायत क्षेत्र के आमजनों का कहना है कि चरागाह भूमि को बचाने और उन्नत बनाने के लिए जिनकी जिम्मेदारी है, वही अतिक्रमियों को संरक्षण दे रहे हैं। इस कारण अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हैं। अतिक्रमियों ने चरागाह भूमि को हथियाने के लिए कहीं पक्की बाउंड्रवॉल, कहीं पक्की दुकानें तो कहीं मकान तक बना लिए हैं। दशकों से जंगल में रह रहे चुनिंदा वनवासी परिवारों को छोड़कर अधिकतर ने पिछले कुछ सालों में ही सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि अपने कब्जे में ले ली। ग्राम पंचायत में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर रिकॉर्ड भी संधारित नहीं किया जा रहा है और ना ही कार्रवाई के लिए प्रशासन की मदद ली जा रही है। यहां तक कि स्वयं जिम्मेदारों के भी गोचर भूमि में अतिक्रमण की शिकायतें लंबित हैं।

दबी पड़ी हैं कई शिकायतें
पिछले दो सालों में गांवगुड़ा के आम लोगों ने ग्राम पंचायत के विभिन्न राजस्व गांवों में स्थित चरागाह भूमियों पर अतिक्रमण की शिकायतें की। ग्रामीणों ने खुद सरपंच द्वारा ही लोकडाउन की आड़ में चरागाह भूमि पर पक्की दुकानें बनवाने की शिकायत कर रखी है। गांवगुड़ा में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण की सभी शिकायतें दबी पड़ी है।

हटवाए जाएंगे अतिक्रमण
गांवगुड़ा में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में मैंने पहले भी निर्देश दिए हैं। यदि अतिक्रमण की शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ है तो दोबारा बीडीओ को कहकर अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई की जाएगी।
- अभिषेक गोयल, उपखंड अधिकारी नाथद्वारा


पाखण्ड में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग

राजसमन्द. नाथद्वारा तहसील में पाखण्ड ग्राम पंचायत मुख्यालय पर बेशकीमती सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर किया जा रहा अवैध निर्माण ध्वस्त कराने एवं अतिक्रमी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामवासियों ने बुधवार को कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल को ज्ञापन सौंपा। पूर्व सरपंच भैरूलाल जाट एवं पूर्व उपसरपंच डूंगरसिंह चुण्डावत के नेतृत्व में पाखण्ड से पारसमल, रोशनलाल सुथार, दिलीप कुमार टांक, डूलेसिंह, बहादुर सिंह सहित ग्रामीण यहां कलक्ट्रेट पहुंचे तथा कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। बताया कि ग्राम पंचायत मुख्यालय पर रेलमगरा-नाथद्वारा मुख्य मार्ग पर दो बीघा सरकारी भूमि मौजूद है, जिसे पूर्व में ग्राम पंचायत ने विभिन्न राजकीय कार्यों में उपयोग के लिए आबादी भूमि में रूपांतरित कर आबादी विस्तार के नाम आरक्षित की थी। पंचायत ने उक्त भूमि का भू-रूपांतरण कर विभिन्न राजकीय भवनों का निर्माण कराने के लिए आवंटित भी कर दी थी। उक्त दो बीघा भूमि में से आवश्यकता अनुरूप तय प्रक्रिया अपनाते हुए अनाज भण्डार, सामुदायिक भवन, जीएसएस एवं पशु चिकित्सालय के लिए आवंटन कर उनके पट्टे भी सम्बन्धित विभागों के नाम जारी कर किए जा चुके हैं। यही नहीं आवंटन के बाद अनाज भण्डार के लिए भवन निर्माण कार्य शुरू भी हो गया, जो वर्तमान में जारी है, जबकि अन्य भवनों का निर्माण भी निकट भविष्य में प्रस्तावित है। उक्त भवन सरकारी होकर जनहित में उपयोग में आएंगे तथा इसी उद्देश्य से आवंटन किया गया है। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए बताया कि उक्त सरकारी भवनों के लिए भूमि आवंटन के बाद दो बीघा में से शेष खाली पड़ी भूमि पर हाल ही में अतिक्रमण कर अवैध निर्माण शुरू कर दिया जो अनुचित है। ग्रामीणों ने बताया कि इस अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण रोकने के लिए ग्राम विकास अधिकारी को लिखित में शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कलक्टर से सरकारी भूमि से अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण तत्काल ध्वस्त कराने की मांग की गई।

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
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