जिस 'घूसकाण्ड' से भाजपा में आया भूचाल, उसकी जांच 18 दिन में भी पूरी नहीं

भीम प्रधान द्वारा पूर्व विधायक पर 27 लाख रुपए लेने का आरोप, पार्टी ने दो-दो बार बना दी जांच कमेटी, अभी तक सामने नहीं आई आरोपों की सच्चाई

By: jitendra paliwal

Published: 22 Jul 2021, 11:49 AM IST

राजसमंद. भीम प्रधान बीरम सिंह द्वारा अपनी ही पार्टी के पूर्व विधायक हरि सिंह राठौड़ पर 27 लाख रुपए वसूलने और बाद में मुकरने के मामले में चौतरफा किरकरी होने के बावजूद भाजपा इस प्रकरण को गम्भीरता से नहीं ले रही है। अव्वल तो यह कि पार्टी ने दो-दो बार जांच बैठा दी, लेकिन जांच रिपोर्ट मियाद बीतने के बाद भी नहीं आई है।
पंचायती राज चुनाव में प्रधान बनाने के नाम पर पैसों के लेन-देन से मचे बवाल से पार्टी की छवि पर भी छींटे उछले। 20 दिन बाद भी पार्टी अपने स्तर पर दूध का दूध और पानी का पानी नहीं कर पाई है। पार्टी की छवि खराब होने को सांसद दीया कुमारी ने भी गम्भीरता से लिया और कमेटी सदस्यों को समय पर जांच पूरी करने को कहा था। दूसरी ओर भीम प्रधान और बीडीओ के बीच लड़ाई कानूनी स्तर पर लड़ी जा रही है, वहीं आरोपी पक्ष पूर्व विधायक ने अब मौन साध लिया है।

कमेटी अब तक भीम गई ही नहीं
सूत्रों से पता चला कि पार्टी द्वारा गठित जांच कमेटी अब तक दो कदम भी नहीं चली है, जबकि गत 12 जुलाई को जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र पुरोहित ने कमेटी को सात दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी थी। कमेटी में जिला महामंत्री हरि सिंह राव, जिला कोषाध्यक्ष मान सिंह बारहठ और जिला उपाध्यक्ष गोपालकृष्ण पालीवाल को सदस्य बनाया था।

पहले खुद प्रभारी को ही दे दी थी जांच
इससे पहले 3 जुलाई को प्रधान द्वारा लगाए आरोपों को लेकर अगले ही दिन भाजपा जिला उपाध्यक्ष करण सिंह राव से जिलाध्यक्ष ने मामले की रिपोर्ट मांगी थी। राव ही भीम भाजपा मण्डल के प्रभारी हैं और आरोपी हरि सिंह राव से नजदीकियां होने के कारण पार्टी ने बाद में और स्पष्ट और निष्पक्ष जांच के लिए 8 दिन बाद दूसरी कमेटी बनाई। आरोप लगाने के दो दिन बाद जब प्रधान ने यू-टर्न लिया तो खुद जांचकर्ता राव और हरि सिंह भी प्रधान के साथ राजसमंद में नजर आए।

ऐसे चला मामला
3 जुलाई को बीरम सिंह ने पूर्व विधायक हरि सिंह रावत पर प्रधान बनाने के लिए 27 लाख रुपए लेने का आरोप जड़कर राजसमंद भाजपा की राजनीति में भूचाल ला दिया था।
- 4 जुलाई बीरम सिंह ने जयपुर भाजपा मुख्यालय के बाहर सेल्फी लेकर वायरल की, जिससे लगा कि वह शिकायत लेकर प्रदेश आलाकमान तक पहुंचे हैं।
- 5 जुलाई को हरि सिंह ने भाजपा कार्यालय में आकर आरोपों पर सफाई दी और इसे कांग्रेस का षड्यंत्र बता दिया।
- ६ जुलाई को एक नाटकीय घटनाक्रम में आरोप लगाने वाले बीरम सिंह, आरोपी हरि सिंह और जांचकर्ता करण सिंह तीनों राजसमंद पहुंचे और प्रधान ने आरोपों से इनकार कर दिया। प्रधान ने सारा मामला बीडीओ पर उड़ेल अपहरण और बेहोश करने के नए आरोप लगाए।
- 7 जुलाई को भीम बीडीओ डॉ. रमेशचन्द्र मीणा ने प्रधान के खिलाफ झूठे लगाने पर दो करोड़ रुपए की मानहानि की रिपोर्ट पुलिस थाने में दे दी।
- 12 जुलाई को भाजपा ने पूरे मामले की तह तक जाने व आरोपों की आरोपों की सच्चाई जानने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना सात दिन में रिपोर्ट मांगी।
- 20 जुलाई को भीम प्रधान ने ब्यावर थाने में बीडीओ डॉ. मीणा और ब्यावर के पार्षद दलपत मेवाड़ा के विरुद्ध अपहरण का प्रकरण दर्ज करवा दिया।
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हमारे कार्यकर्ता अलग-अलग जांच कर रहे हैं। सम्भवत: एक-दो दिन में रिपोर्ट आ आएगी। पहले जांच बैठाई थी। केवल कार्यकर्ता को वहां प्रभारी के रूप में भेजा था कि पता करें क्या मामला है। जांच में जो भी दोषी पाया जाता है, उसके विरुद्ध पार्टी में कार्यवाही अवश्य होगी।
वीरेन्द्र पुरोहित, भाजपा जिलाध्यक्ष, राजसमंद

jitendra paliwal
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