Video : राजसमंद में दस साल में बढ़ेंगे लाख लोग..!

वर्ष 2011 - 11,56,597
वर्ष 2020 - 13,56,109 (अनुमानित)
वर्ष 2021 - 14,02,000 (अनुमानित)

By: Rakesh Gandhi

Updated: 11 Jul 2020, 12:05 PM IST

राकेश गांधी

राजसमंद. विश्व की बढ़ती जनसंख्या के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पिछले तीन दशक से 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन लोगों को परिवार नियोजन, लैंगिक समानताएं, मानवाधिकार व मातृत्व स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जाती है। विभिन्न सामाजिक संगठन व सरकारें व प्रशासन आमजन को लगातार बढ़ रही जनसंख्या से होने वाले प्रतिकूल परिणामों को लेकर आगाह करते हैं। वर्ष 1989 में जब विश्व की जनसंख्या करीब पांच अरब थी, तब संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूनाइटेड नेशन डवलपमेन्ट प्रोग्राम) ने 11 जुलाई को ये दिवस मनाने की शुरुआत की। तब से लगातार ये दिवस विश्व भर में मनाया जा रहा है। ये जानकारी हैरानी होगी कि विश्व की कुल जनसंख्या में से तीस फीसदी से ज्यादा लोग भारत व चीन में हैं। सबसे ज्यादा तेज गति से इस समय जनसंख्या विश्व में नाइजीरिया में बढऩे का अनुमान है। भारत में भी जनसंख्या बढऩे की गति हालांकि कम हुई है, फिर भी अन्य विकसित देशों की तुलना में ज्यादा है। कुछ विश्लेषक तो ये भी अनुमान लगा रहे हैं कि आगामी एक दशक में भारत विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश होगा। पर जिस तरह से भारत में जागरुकता बढ़ी है, गति कुछ कम हुई है। ऐसे में इन विश्लेषकों की धारणाएं गलत साबित हो सकती है। राजसमंद जिले में भी पिछले एक दशक में ढाई लाख लोग बढऩे का अनुमान लगाया जा रहा है।

हालात भयावह
जनसंख्या में लगातार हो रही वृद्धि किसी भी देश के विकास की सबसे बड़ी बाधा है। ये हर लिहाज से घातक है। विकसित हो या विकासशील या फिर अविकसित देश, सभी इस पीड़ा को झेल रहे हैं। अशिक्षा भी इस समस्या का बड़ा कारण है। आज भी भारत जैसे देश में बड़े पैमाने पर बाल-विवाह हो रहे हैं। इससे अल्पआयु में लड़कियां मां बन जाती है। ये हालात इन लड़कियों के स्वास्थ्य व देश के आर्थिक हालात के लिए घातक साबित हो रहे हैं।

रुढ़िवादी समाज
आज भी कई लोग परिवार नियोजन के महत्व को नहीं समझते। इसका कारण गरीबी व अशिक्षा है। अशिक्षा के चलते लैंगिक समानता का महत्व तक लोगों को नहीं पता रहता। जिस गति से जनसंख्या बढ़ रही है, उससे बेरोजगारी जैसी समस्या नासूर बनती जा रही है। अशिक्षा व रूढि़वादी समाज के कानून इसमें बाधक बन रहे हैं। आज भी लड़के की चाह समाज में कम नहीं हुई है। सख्ती के बावजूद कई बार लड़कियों को चोरी छुपे गर्भ में खत्म कर दिया जाता है। अशिक्षा के चलते लड़कियों को गर्भ निरोधक उपायों की जानकारी तक नहीं होती।

राजसमंद जिले की स्थिति
राजसमंद जिले में जनसंख्या 17.72 प्रतिशत की ग्रोथ से बढ़ रही है। वर्ष 2011 में राजसमंद की जनसंख्या ११,५६,५९७ थी, जो इस ग्रोथ से वर्ष 2020 में 13,56,109 होने का अनुमान है। हालांकि वर्ष 2021 में नई जनगणना का आंकड़ा जल्द सामने आएगा, पर ग्रोथ के अनुसार फिलहाल ये ही माना जा रहा है कि वर्ष 2021 में राजसमंद जिले की जनसंख्या 14 लाख को पार कर जाएगी। वर्ष 2011 के आंकड़ों पर नजर डाले तो इस जिले में प्रत्येक 1000 पुरुषों पर 990 महिलाएं थी। ग्रामीण क्षेत्रों में ये स्थिति ज्यादा बेहतर रही। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक 1000 पुरुषों पर 998 महिलाएं तो शहरी क्षेत्र में प्रत्येक 1000 पुरुषों पर 948 महिलाएं थी। इस बार भी लगभग ऐसा ही रहने का अनुमान बताया जा रहा है, हालांकि पूरी तस्वीर जनगणना के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
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