झारखण्ड में जबरन धर्म में वापसी कराने की शिकायत की

झारखण्ड में जबरन धर्म में वापसी कराने की शिकायत की
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| Publish: Jul, 09 2018 02:43:30 PM (IST) Ranchi, Jharkhand, India

सयुंक्त विपक्ष के खूंटी दौरे के दौरान कर्रा प्रखंड से दर्जनों महिला एवं पुरुष घाघरा गांव पहुंचे थे और विपक्षी नेताओं के सामने अपनी आपबीती बयां की

(रवि सिन्हा की रिपोर्ट)
रांची। झारखंड में खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित खटंगा गांव के ग्रामीणों ने उपायुक्त सूरज कुमार से मिलकर कुछ लोगों के खिलाफ जबरन अपने धर्म से वापसी कराने की शिकायत की है। कर्रा प्रखंड की बमरजा पंचायत के खटंगा और बमरजा गांव में 10 परिवारों को ईसाई धर्म से सरना आदिवासी धर्म में वापसी करने को लेकर धमकी मिल रही है। उपायुक्त ने कहा है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सयुंक्त विपक्ष के खूंटी दौरे के दौरान कर्रा प्रखंड से दर्जनों महिला एवं पुरुष घाघरा गांव पहुंचे थे और विपक्षी नेताओं के सामने अपनी आपबीती बयां की। इस दौरान जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक भी मौजूद थे।

 

गांव से बाहर करने की धमकी की शिकायत


कर्रा प्रखंड की बमरजा पंचायत के खटंगा और बमरजा गांव में 10 परिवारों को इसाई धर्म से वापसी करने की धमकी मिल रही है। ग्रामीणों ने विपक्षी नेताओं के साथ-साथ उपायुक्त और पुलिस को बताया कि उन्हें धमकी दी जा रही है कि उन्हें गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। साथ ही जान से मारने की धमकी भी मिली है। महिलाओं ने प्रशासन को यह भी जानकारी दी कि जबरन धर्म वापसी कराने वाले बात नहीं मानने पर गांव में नहीं रहने देने की चेतावनी भी दे रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें सरकारी सुविधाओं को छोडऩे, सड़क पर नहीं चलने देने और गांव से निकाल देने की धमकियां मिल रही हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन मामले की छानबीन में जुट गया है और उपायुक्त ने मामले में जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

 

धर्म परिवर्तन की शिकायतें


गौरतलब है कि झारखंड में जबरन धर्म परिवर्तनन पर अंकुश लगाने के लिए एक विधेयक भी प्रभावी है। इसके बावजूद राज्य में लगातार धर्म परिवर्तन की शिकायतें आती रहती हंै। पिछले दिनों दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में भी कुछ सरना आदिवासियों की ओर से यह शिकायत दर्ज कराई गई कि उनका जबरन धर्म परिवर्तन करा कर इसाई धर्म कबूल करने को विवश किया जा रहा है। स्थानीय ग्राम प्रधान की शिकायत पर इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 16 धर्म प्रचारकों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें सात महिलाएं भी शामिल थी। इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश करने के बाद जेल भी भेज दिया। हालांकि इसाई धर्म प्रचारकों का कहना है कि वे धर्म परिवत्र्तन कराने को लेकर गांव जरुर पहुंचे थे, लेकिन जबरन धर्म परिवत्र्तन की कोई कोशिश नहीं की गई। गौरतलब धर्म परिवर्तन से संबंधित विधेयक में जबरन धर्म परिवत्र्तन कराने की कोशिश कराने वाले को सजा के अलावा जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है।

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