झारखंड के पलामू प्रमंडल में नीलगायों के उत्पात से किसान त्रस्त

झारखंड के पलामू प्रमंडल में नीलगायों के उत्पात से किसान त्रस्त
neelgai file photo

| Publish: Jul, 27 2018 01:51:14 PM (IST) Ranchi, Jharkhand, India

नीलगाय फसल तैयार होने से पूर्व ही बर्बाद कर देती हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हो रही है

(रवि सिन्हा की रिपोर्ट)
रांची। झारखंड के कई हिस्सों में नीलगायों के उत्पात से किसान त्रस्त है। नीलगायों के आतंक से सबसे अधिक प्रभावित पलामू प्रमंडल के किसान है। पलामू प्रक्षेत्र के मेदिनीनगर , लातेहार और गढ़वा उत्तरी वन प्रमंडल में नीलगायों ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया गया। किसानों का कहना है कि नीलगाय फसल तैयार होने से पूर्व ही बर्बाद कर देती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हो रही है।

 

क्षतिपूर्ति राशि वितरित


पलामू प्रमंडल में वर्ष 2017-18 में नीलगायों द्वारा किए गए फसल की क्षति के दावे की जांच करने के पश्‍चात क्षतिपूति की राशि भी किसानों के बीच वितरित की गई है। मेदिनीनगर वन प्रमंडल में किसानों के बीच 5.11 लाख रुपए, गढ़वा उत्तरी वन प्रमंडल में 4.51 लाख और लातेहार वन प्रमंडल क्षेत्र में 35 हजार रुपए की मुआवजा राशि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्त्तन विभाग द्वारा किसानों के बीच वितरित की जा चुकी है।

 

नुकसान के अनुरुप हो भरपाई


वहीं किसानों का कहना है कि जिस अनुपात में नीलगाय उनकी फसल को नुकसान पहुंचाती है, उससे काफी नगण्य मात्रा में प्रशासन की ओर से मुआवजा और क्षतिपूर्ति राशि मुहैय्या करायी जाती है। किसानों द्वारा नीलगायों द्वारा की जा रही फसल बर्बादी का उचित मुआवजा भुगतान की मांग की गई है और भविष्य में नीलगायों से नुकसान को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है। बारिश के साथ ही किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रही है, क्योंकि वे कड़ी मेहनत कर फसल लगाते हैं, लेकिन फसल तैयार होने के पहले ही नीलगाय इन्हें पूरी तरह से बर्बाद कर देती हैं।

वन विभाग की पहल


वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्त्तन विभाग की ओर से भी किसानों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक पहल की गई है। विभाग की ओर से एक ओर नीलगायों द्वारा फसल की क्षति का मुआवजा भुगतान किया जा रहा है। वहीं प्रभावित ग्रामीणों को नीलगायों से बचाव के लिए रोपनी के लिए किरोसीन तेल और पटाखा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों को नीलगायों द्वारा की जा रही फसल की क्षति को कम करने के लिए जागरुक करने की कार्रवाई की जा रही है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned