भीमा कोरेगांव मामले में फादर स्टेन स्वामी के घर छापेमारी

भीमा कोरेगांव मामले में फादर स्टेन स्वामी के घर छापेमारी

Prateek Saini | Updated: 12 Jun 2019, 03:55:16 PM (IST) Ranchi, Ranchi, Jharkhand, India

स्टेन स्वामी से जुडे सामाजिक संगठन झारखंड महासभा की कार्यकर्त्ता आलोका कुजूर ने बताया कि...

(रांची): महाराष्ट्र पुलिस की ओर से भीमा कोरेगांव मामले में सामाजिक और मानवाधिकार कार्यकर्त्ता फादर स्टेन स्वामी के रांची स्थित मकान में छापेमारी की गई। महाराष्ट्र पुलिस की ओर से स्टेन स्वामी के घर दूसरी बार छापेमारी की गई है और इस छापेमारी के क्रम में कई दस्तावेज और कागजात जब्त करने की बात सामने आई है, हालांकि पुलिस की ओर से अब तक इस छापेमारी को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार रांची के नामकुम बागीचा में फादर स्टेन स्वामी के घर महाराष्ट्र पुलिस ने आज सुबह 7 बजे से छापेमारी शुरू की और करीब साढ़े तीन घंटे से अधिक समय तक छानबीन की गई। बताया जा रहा है कि भीमा कोरेगांव मामले में दूसरी बार फादर स्टेट के घर छापा पड़ा है।


स्टेन स्वामी से जुडे सामाजिक संगठन झारखंड महासभा की कार्यकर्त्ता आलोका कुजूर ने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस की एक आठ सदस्यीय टीम ने रांची के निकट नामकुम स्थित बगाइचा परिसर में 83 वर्षीय स्टेन स्वामी के निवास पर छापा मारा। पुलिस ने करीब साढ़े तीन घंटे तक उनके कमरे की छानबीन की। पुलिस ने स्टेन स्वामी की 'हार्डडिस्क' और इंटरनेट मॉडेम ले लिया और जबरन उनसे उनके ईमेल और फेसबुक के पासवर्ड मांगे। उसके बाद पुलिस ने ये दोनों पासवार्ड बदले और दोनों अकाउंट को जब्त कर लिया। पिछले 28 अगस्त 2018 को भी महाराष्ट्र पुलिस ने स्टेन स्वमी के कमरे की तलाशी ली थी। इस दौरान पुलिस ने आरोपी स्टेन स्वामी से भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले में पूछताछ भी की। पुलिस की ओर से इस छापेमारी के क्रम में अब तक आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।


गौरतलब है कि महाराष्ट्र के कोरेगांव के आंदोलन में कई गाड़ियों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। उसी मामले को लेकर महाराष्ट्र पुलिस की टीम रांची पुलिस के सहयोग से स्टेन स्वामी के घर पर छापामारी की। फादर स्टेन स्वामी मूल रूप से केरल के रहने वाले हैं और बीते 50 वर्षों से झारखंड में रहकर काम कर रहे हैं। पहले चाईबासा में रहकर आदिवासी संगठनों के लिए काम करते रहे और फिर 2004 में रांची आए और नामकुंम बगेईचा (जो आदिवासी अधिकारों के लिए काम करता है) में आदिवासी अधिकार, विस्थापन, आदिवासियों के जल, जंगल के सवाल पर काम करते रहे। स्टेन स्वामी हाल के दिनों में झारखंड के विभिन्न जिलों में आदिवासी कैदियों के लिए काम कर रहे हैं। स्टेन के समर्थकों के मुताबिक स्टेन स्वामी वैसे आदिवासियो के लिए काम कर रहे हैं जिन्हें नक्सली बताकर जेल में डाला गया है।


महाराष्ट्र पुलिस की ओर से भीमा कोरेगांव मामले में स्टेन स्वामी और अन्य के खिलाफ जाति से संबंधित और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। वहीं स्टेन स्वमी के ऊपर खूंटी पत्थलगड़ी मामले में भारतीय संविधान के खिलाफ भड़काने और हिंसा फैलाने का आरोप भी झारखंड पुलिस ने लगाया है।

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