झारखंड में मॉनसून रुठा, खेती की तैयारी में जुटे किसानों में मायूसी

झारखंड में मॉनसून रुठा, खेती की तैयारी में जुटे किसानों में मायूसी
disappointed farmer

| Publish: Jun, 16 2018 05:08:54 PM (IST) Ranchi, Jharkhand, India

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के विपरीत समय से पहले मॉनसून तो नहीं पहुंचा, बल्कि निर्धारित समय से भी 10-12 दिन विलंब से मॉनसून के आने की संभावना है

(रवि सिन्हा की रिपोर्ट)

रांची। भारतीय मौसम विभाग ने झारखंड में इस वर्ष निर्धारित समय से करीब एक सप्ताह पहले मॉनसून के पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की थी। आमतौर पर झारखंड में 10 से 12 जून के बीच मॉनसून का प्रवेश हो भी जाता है, लेकिन इस बार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के विपरीत समय से पहले मॉनसून तो नहीं पहुंचा, बल्कि निर्धारित समय से भी 10-12 दिन विलंब से मॉनसून के आने की संभावना है।रांची स्थित मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने बताया है कि झारखंड में
मॉनसून आने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार अभी मानसून ओडि़शा और पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में ठहर गया है।

 

बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका

 

मौसम विभाग की ओर से यह भी जानकारी दी गयी है कि अगले दो-तीन दिनों तक रांची, जमशेदुपर, गुमला, लोहरदगा, पलामू, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग आदि क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। इस दौरान अधिकतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग की ओर से जो नया पूर्वानुमान जारी किया गया है, उसके तहत रांची और आसपास के इलाके में 23-24 जून तक मॉनसून की बारिश की संभावना है। हालांकि अगले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने और गरज के साथ बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की है।

 

किसानों ने कर ली थी धनरोपणी


मौसम विभाग की ओर से पूर्व में जो सूचना दी गयी थी कि उसके मुताबिक किसानों ने मई के अंतिम व जून के पहले सप्ताह में हुई प्री-मॉनसून बारिश के दौरान ही खेत को तैयार कर लिया। कुछ किसानों ने धनरोपणी का भी काम पूरा कर लिया और खेतों में बीज भी बो दिए, लेकिन अब बारिश नहीं होने से धान के बिचड़े सूखने लगे हैं। वहीं अन्य सब्जियों व फसल के लिए जो बीज खेत में डाले थे, उसका भी कुछ लाभ नहीं मिल पा रहा है। मॉनसून के कुछ दिनों के लिए रुठने के कारण किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान की मेहनत बेकार जाने के साथ ही धनरोपणी और अन्य फसलों के लिए बीज रोपण के कारण उन्हें आर्थिक क्षति का भी सामना करना पड़ा है।

 

पेयजल संकट गहराया

इधर, जून महीने में बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी के साथ ही पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है। रांची का अधिकतम तापमान फिर करीब 38 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा है, वहीं डालटनगंज, जमशेदपुर समेत कई शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा पहुंचा है। बारिश के मौसम के कारण लोगों को उमस से भी खासी परेशानी हो रही है। शहर के कई हिस्सों में एक बार फिर से पेयजल संकट भी गहराने लगा है। रांची के कई सूखाग्रस्त इलाकों में नगर-निगम द्वारा टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है, वहीं लोगों की यह भी शिकायत है कि उन्हें निगम की ओर से पर्याप्त पानी नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य की कई प्रमुख नदियां, डैम, तालाब और अन्य जलाशयों का जलस्तर नीचे चला गया है या सूख गया है। सभी लोगों को मॉनसून का इंतजार है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned