अतिनक्सल क्षेत्र से पुलिस ने 15 एकड़ अफीम की खेती नष्ट की

चतरा जिले के नक्सल प्रभावित ( Illegal poppy in core Naxal area ) कुंदा थाना क्षेत्र के हेसातु व बनठा के जंगल मे पिछले दो दिनों से लगातार पोस्त नष्ट करो अभियान जारी हैं। पुलिस अधिक्षक अखिलेश वी वारियर के निर्देश पर बताया पुलिस और वन विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाकर तकरीबन 15 एकड़ में लगी ( Police destroyed poppy cultivation ) पोस्त की फसल को ट्रैक्टर की मदद से नष्ट कर दिया ।

रांची(रवि सिन्हा)। चतरा जिले के नक्सल प्रभावित ( Illegal poppy in core Naxal area ) कुंदा थाना क्षेत्र के हेसातु व बनठा के जंगल मे पिछले दो दिनों से लगातार पोस्त नष्ट करो अभियान जारी हैं। पुलिस अधिक्षक अखिलेश वी वारियर के निर्देश पर बताया पुलिस और वन विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाकर तकरीबन 15 एकड़ में लगी ( Police destroyed poppy cultivation ) पोस्त की फसल को ट्रैक्टर की मदद से नष्ट कर दिया ।

अतिनक्सल क्षेत्र है
पोस्त से अफीम तैयार करने को लेकर शामिल गिरोह ने वन भूमि पर फसल को लगाई थी। जिस इलाके में पोस्ते की फसल लगी हुई थी, वह इलाका अतिनक्सल प्रभावित होने के साथ -साथ जंगलों से घिरा पड़ा है। खेती करने वाले पुलिस की आने की सूचना पर जंगलों के रास्ते भाग खड़े हुए। अभियान का नेतृत्व सिमरिया एसडीपीओ वचन देव कुजुर और इंस्पेक्टर रंजीत रौशन ने किया। अभियान में थाना प्रभारी रामबृक्ष राम समेत जिला बल के जवान व वन विभाग के कर्मी शामिल थे।

मोटे मुनाफ का लालच
नक्सल प्रभावित खूंटी, गुमला, चतरा और लातेहार जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में तस्करों का प्रोत्साहन पा कर बड़ी संख्या में ग्रामीण गैर कानूनी तरीके से पोस्त की खेती करते है और बाद में इसी से अफीम निकाला जाता है। पिछले वर्ष राज्य के विभिन्न जिलों नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस ने करीब ढ़ाई हजार एकड़ में लगी अफीम की खेती को नष्ट किया था। इसके बाद भी इस काले कारोबार से मोटे मुनाफे के लालच में लगातार अफीम की खेती की जा रही है। अब एक बार फिर से गैरकानूनी तरीके से पोस्ते की खेती का मौसम शुरू हो गया है और पुलिस द्वारा कार्रवाई भी शुरू कर दी गयी है। एसडीपीओ ने ग्रामीणों को कड़ी हिदायत देते हुए आगाह किया है कि लोग साग-सब्जी की खेती पर विशेष ध्यान दें।

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Yogendra Yogi Desk
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