झाविमो नेता तिलो सरदार हत्याकांड में दो जनो को आजीवन कारावास

झाविमो नेता तिलो सरदार हत्याकांड में दो जनो को आजीवन कारावास

Shailesh pandey | Publish: Jun, 14 2018 06:43:51 PM (IST) Ranchi, Jharkhand, India

अदालत ने झारखंड विकास मोर्चा के तिलो सरदार हत्याकांड मामले में दो दोषियों रमेश प्रमाणिक और पिंटू प्रमाणिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है

(रवि सिन्‍हा की रिपोर्ट)
रांची। जमशेदपुर की निचली अदालत ने झारखंड विकास मोर्चा के तिलो सरदार हत्याकांड मामले में दो दोषियों रमेश प्रमाणिक और पिंटू प्रमाणिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जमशेदपुर के जिला जज-13 प्रभाकर सिंह की अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है, जबकि एक अन्य आरोपी करमू प्रमाणिक को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। तिलो सरदार की हत्‍या जमीन केे विवाद को लेेेेकर कर दी गई थी।


घर सामने मारी गोली


झाविमो नेता तिलो सरदार की 7 नवंबर 2012 की रात उस वक्त गोली मार कर हत्या कर दी गई थी, जब वे अपने घर के सामने बैठे थे। तिलो सरदार को मोटरसाइकिल से पहुंचे दो अपराधियों ने गोली मार दी थी, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्त्ती कराया गया। इलाज के दौरान तिलो सरदार की मौत हो गई थी। इस मामले में 12 लोगों की गवाही अदालत में हुई।

 

पहले भी मिली धमकियां


दिवंगत झाविमो नेता की पत्नी सुनीता सरदार ने बताया कि उनके पति की हत्या करने वाले पहले भी कई बार धममियां दे चुके थे, हमला भी कर चुके थे और गाड़ियां जला चुके थे, लेकिन उनके पति एक सामाजिक कार्यकर्त्ता थे और वे क्षेत्र को छोड़ कर नहीं जाना चाहते थे।

 

दबंग नेता के रुप में थी पहचान


गौरतलब है कि तिलो सरदार की पहचान इलाके में दबंग नेता के रुप में थी। उनके बढ़ते सामाजिक-राजनीतिक कद को क्षेत्र के ही कुछ लोग नहीं पचा पा रहे थे। उन्हें पहले भी कई बार निशाना बनाने की कोशिश की गई और वर्ष 2012 में उन्हें मौत के घाट उतार दिया। उनकी मौत के बाद इलाके में कई दिनों तक तनाव का माहौल रहा। बाद में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद तनाव कम हो सका। इस मामले में अब फैसला हुआ है।

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