यहां मुंह सूंघकर हो जाता है.... लाइसेंस रद्द

यहां मुंह सूंघकर हो जाता है.... लाइसेंस रद्द

Sourabh Pathak | Updated: 10 Jul 2019, 12:43:39 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

यहां मुंह सूंघकर हो जाता है.... लाइसेंस रद्द

रतलाम। मप्र का एक शहर एेसा भी है जहां पर सड़क पर घूमने पर लाइसेंस रद्द हो जाता है। वह तब जबकि किसी वाहन पर घूमने वाले ने नशा कर रखा हो लेकिन चालक ने नशा किया है या नहीं इसका पता लगाने का पुलिस का अपना अलग ही तरीका है। आधुनिकता के इस युग में जहां नशे का सेवन किया है या नहीं इसका पता ब्रिथ एनालाइजर मशीन से किया जाता है, वहीं रतलाम की पुलिस मशीनें खराब होने से वाहन चालक मुंह सूंघकर इस बात का पता लगा लेती है और फिर बाद में इसे पुख्ता करने के लिए चालक को पुलिस अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराती है।

 

पुलिस की इस कार्रवाई के चलते बीते छह माह के दौरान 437 वाहन चालकों के लाइसेंस परिवहन विभाग निरस्त कर चुका है। दरअसल जिन मामलों में मेडिकल परीक्षण में पुलिस को वाहन चालक के नशे में होने की बात साबित हो जाती है, उन मामलों में पुलिस वाहन चालक का प्रकरण तैयार करके उसका लाइसेंस निलंबित किए जाने के संबंध में परिवहन विभाग को कार्रवाई के लिए भेजता है, जिस पर परीक्षण के बाद आरटीओ के माध्यम से लाइसेंस निलंबित किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

छह माह के लिए होता है निलंबित
आरटीओ में मामला जाने के बाद वाहन चालक का लाइसेंस वहां कार्यालय में जमा हो जाता है। एेसे में पहली व दूसरी बार में छह माह तक के लिए लाइसेंस निलंबित रहता है। वहीं तीसरी बार यदि चालक नशा करके वाहन चलाते पकड़ा जाता है तो फिर उसका लाइसेंस आजीवन निलंबित करने की प्रक्रिया की जाती है। फिलहाल रतलाम में यातायात व थानों की पुलिस ने जितने भी प्रकरण आरटीओ में भेजे है, वे सभी पहली बार के है। इसके चलते अगले छह माह तक के लिए उनके लाइसेंस निलंबित किए जा चुके है।

खराब पडे़ ब्रिथ एनालइजर
पुलिस के पास आए ब्रिथ एनालइजर में से यातायात पुलिस के पास दो मशीनें पड़ी है। वहीं शहर सहित जिले के कुछ बड़े थानों पर एक-एक मशीन जांच के लिए दे रखी है। यातायात थाने की दोनों मशीनें खराब पड़ी है। दरअसल इनमें सेंसर की खराबी के चलते उसे फिर से ठीक कराना होगा लेकिन जिस कंपनी की यह मशीनें है, उस कंपनी का सेंसर उसमें लगाए जाने के लिए पुलिस को नहीं मिल रहा है, जिसके चलते पुलिस को शाम के समय जांच में अब सिर्फ नशा करके वाहन चलाने वाले व्यक्ति को संदेह व उसके मुंह से आ रही दुर्गंध के आधार मेडिकल परीक्षण के लिए भेजकर कार्रवाई की जा रही है।

नहीं मिल रहे सेंसर
- यातायात थाने पर दो मशीनें है, जिनके सेंसर में खराबी होने से नए नहीं मिल पा रहे है। इस कारण से मशीनें बंद पड़ी है। एेसे में जांच के दौरान चालक के मुंह से दुर्गंध आने व चालक की हालत देखकर पुलिस उसे जिला अस्पताल मेडिकल परीक्षण के लिए ले जा रही है। अस्पताल की रिपोर्ट व मशीन की रिपोर्ट के आधार पर अब तक ४३७ वाहन चालकों के लाइसेंस आरटीओ के माध्यम से निलंबित कराए जा चुके है।
विलास वाघमारे, डीएसपी यातायात

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