12 ज्योतिर्लिंग की यात्रा कर लौटे संत, सत्य सनातन धर्म की जय से गुंजा रतलाम

-सनातन धर्म की जय से गुंजा रतलाम
-यात्रा में केसरिया वस्त्र पहनकर शामिल हुई महिलाएं
-श्वेत वस्त्र में पहुंचे पुरुष

By: Ashtha Awasthi

Published: 05 Feb 2021, 01:03 PM IST

रतलाम। 12 हजार किलोमीटर का सफर और 12 ज्योतिर्लिंग की यात्रा कर संत वापस लौट आए हैं। संत नर्मदानंद ने 29 सितंबर 2019 को 12 ज्योर्तिलिंग की यात्रा शुरू की। सनातन धर्म की रक्षा व संस्कृति के साथ पर्यावरण बचाव के लिए पैदल यात्रा शुरू हुई थी। 12 हजार किलोमीटर चलने के बाद ओंकारेश्वर में जनवरी 2021 में समाप्त हुई। संत शुक्रवार को पहली बार रतलाम आए। इसके बाद सबसे पहले कालिका माता मंदिर पहुंचे।

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शामिल हुए पुरुष-महिलाएं

कालिका माता मंदिर पर उन्होंने पूजन करके आरती की। संत ने समाज मे संस्कृति व धर्म की रक्षा के लिए 2019 में 12 ज्योतिर्लिंग की 12 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा की। संत के आने पर सनातन धर्म ध्वज यात्रा श्री काशीविश्वनाथ मंदिर शास्त्री नगर से शुरू हुई। यात्रा में महिलाएं केसरिया वस्त्र में तो पुरुष श्वेत वस्त्र में चल रहे थे।

 

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किया गया भंडारे का आयोजन

इस यात्रा में नासिक के ढोल, उज्जैन, जोधपुर के बैंड, फूल उड़ाती तोप, आदि चल समारोह में शामिल रहा। अखाड़े के बाल कलाकार अपनी विद्धया का प्रदर्शन आगे चल रहे थे। संत को बग्गी में बिठाया हुआ था। वे पूरे रास्ते आशीर्वाद दे रहे थे। करीब 100 से अधिक जगह यात्रा का स्वागत शहर में हुआ। यात्रा सागोद रोड स्थित चंपा विहार पहुंची, जहां संत का सम्मान समारोह हुआ। श्री नित्यानंद आश्रम में गुरु भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन हुआ।

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