4 इंच बारिश में उफने नदी-नाले, रपटों पर बहा पानी

24 घंटे में 105 मिमी बरसा पानी: जन जीवन अस्त-व्यस्त, अंचल में नाले-रपट-नदियां उफान पर घंटों रुका रहा आवागमन

By: harinath dwivedi

Published: 24 Jul 2018, 05:25 PM IST

रतलाम. मौसम केन्द्र की चेतावनी के बाद रविवार की रात से जिले में तेज बारिश का दौर जारी है। रतलाम में बीते 24 घंटे के दौरान 4 इंच से ज्यादा की बारिश ने नदी-नालों को उफान पर ला दिया है। रपटों पर अचानक पानी का बहाव तेज होने से आवागमन भी बाधित हुआ। वहीं, रहवासी इलाकों मेंं जलजमाव के हालात खड़े हो गए। बारिश के कारण बिजली सप्लाई बाधित होने से शहर में कई इलाके रात के समय घने अंधेरे में डूबे रहे।
शहर में दो दिन से लगातार झड़ी के रूप में पानी बरस रहा है, है तो अब जन जीवन भी अस्त-व्यस्त नजर आने लगा है। सड़कों पर गड्ढों, गलियों में कीचड़ से पटे रास्ते मुसीबत बन रहे है। अंचल के खेतों में जल भराव की स्थिति वहां फसलें पीली पडऩे लगी है। मानसून सत्र १५ जून से १५ अक्टूबर तक माना गया है और जिले की सामान्य औसत वर्षा 35.5 इंच है। इसकी तुलना में अभी मात्र 38 दिनों यानि २३ जुलाई तक 18 इंच से बारिश हो चुकी है। शहर में अब तक २३ इंच बारिश हो चुकी है। सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में शहर में 105 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग की माने तो बंगाल की खाड़ी में शक्तिशाली सिस्टम और मानसून द्रोणिका की सामान्य स्थिति से होकर गुजर रही है, ऐसे में ऊपरी हवा उत्तरी मध्य प्रदेश में चक्रवात बना रही है। इससे पहले यह सिस्टम गुजरात में बना था, अब मध्यप्रदेश की तरफ रूख कर रहा है।
सुबह 8 बजे तक बारिश की स्थिति
23 जुलाई की सुबह 8 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में ताल में 13.6 मिमी, आलोट में 17 मिमी, पिपलोदा में 2.0 मिमी, बाजना में 12 मिमी, रतलाम में 105.2, रावटी में 26 मिमी, सैलाना में 40 मिमी तथा जावरा में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिले की सामान्य वर्षा 895.9 मिमी है।


करमदी और मांगरोल में रूके रास्ते
जिले में रिमझिम तो कभी तेज हो रही बरसात के कारण अंचल की छोटी नदियां, नाले और रपटों पर पानी वेग से बह रहा है, जिसके चलते सुबह ग्रामीण और स्कूली बच्चों को आवागमन घंटों रूका रहा। जीवनलाल पाटीदार ने बताया कि मांगरोल में नाला उफान पर आने के कारण आवागमन सुबह से बंद रहा। गांव के मुकेश राठौड़, राजेश चौहान, दीनदयाल पाटीदार, प्रमोद प्रजापत ने बताया कि स्कूली बच्चों और दुध वाहन भी रूके रहे। सुबह 7 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक आवागमन बंद रहा। करमदी रपट पर पानी आ जाने के कारण 7.30 बजे से 9 बजे तक आवागमन बंद रहा।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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