अविश्वास के बाद अब बजट पर भाजपा परिषद के पार्षदोंं मेंं दो फाड़

अविश्वास के बाद अब बजट पर भाजपा परिषद के पार्षदोंं मेंं दो फाड़

Sachin Trivedi | Publish: Apr, 26 2018 02:31:07 PM (IST) | Updated: Apr, 26 2018 02:31:08 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

एमआईसी के दौरान परिषद सदस्यों ने उठाया बजट सम्मेलन का मसला, कई पार्षद पहले ही भाजपा के संगठन मंत्री को कर चुके हैं शिकायत

रतलाम। निगमायुक्त के खिलाफ मौखिक अविश्वास पर दो गुटों में बंटने वाले भाजपा के पार्षद एक बार फिर दो धड़ों में बंट गए है। एक धड़ा बजट सम्मेलन तत्काल रखने पर लामबंद हो रहा है तो दूसरे धड़े ने कुछ विवादित फैसलों पर नाखुशी जाहिर कर दी है। बुधवार को महापौर परिषद की बैठक के दौरान बजट सम्मेलन पर जमकर बहस हुई। परिषद सदस्यों ने सम्मेलन जल्द बुलाने की मांग रखी। वहीं, परिषद ने कई प्रस्ताव पारित कर दिए। इनमें टू-लेन की अनुशंसा से लेकर नालों की सफाई के लिए स्वीकृति अहम है। शहर में वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले बजट पेश करने में नाकाम नगर निगम पर पार्षदों का आक्रोश फूटने लगा है।

बुधवार को महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक के दौरान भी सदस्यों ने सम्मेलन का मुद्दा उठाया। महापौर डॉ. सुनीता यार्दे की अध्यक्षता में बैठक के दौरान जलप्रदाय समिति प्रभारी प्रेम उपाध्याय ने पेयजल संकट पर चर्चा के दौरान बजट सम्मेलन नहीं होने पर बड़ी वित्तीय अनुशंसा में दिक्कत आने की बात कही। उपाध्याय ने कहा कि बजट सम्मेलन जल्द होना चाहिए। परिषद सदस्य मंगल लोढ़ा और सूरजसिंह जाट ने भी सम्मेलन में देरी पर सवाल खड़े किए। लोढ़ा ने कहा कि बारिश से पहले कई सड़कों के कार्य नहीं हुए है, परिषद इनके लिए प्रस्तुत बजट में राशि देगी। वहीं, जाट का कहना था कि बजट नहीं आने से नामांतरण प्रकरणों में लोगों को भटकना पड़ रहा है। सदस्य मनीषा शर्मा और रेखा जौहरी भी जल्द सम्मेलन के पक्ष में खड़ रहे।

नियमावली बुलाकर पूछा, कब होगा सम्मेलन
बैठक में परिषद सदस्यों ने निगमायुक्त एसके सिंह से बजट सम्मेलन का प्रस्ताव व एजेंडा संबंधी सवाल किए। सदस्यों की मांग पर परिषद सम्मेलन की नियमावली बुलाई गई तो पता चला कि एमआईसी की अनुशंसा के एक माह के दौरान परिषद की स्वीकृति लेना अनिवार्य है। २४ मार्च को एमआईसी ने अनुशंसा की थी, लेकिन सम्मेलन एक माह बाद २४ अप्रैल तक नहीं हुआ, इस पर सदस्यों ने महापौर से दखल की मांग की।

महापौर ने दी सफाई, मैंने दे दी अपनी स्वीकृति
बजट सम्मेलन में देरी के चलते १२ से ज्यादा भाजपा पार्षदों के आक्रोश का सामना कर रही महापौर ने बैठक के दौरान साफ कहा कि उन्होंने २५ मार्च को ही इस संबंध में पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए थे। इसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाना थी। इसमें कहां देरी हो रही है, इसे लेकर चर्चा की जाएगी। उन्होंने जल्द सम्मेलन का आश्वासन भी दिया।

संगठन मंत्री खुद कर रहे निगरानी
भाजपा के नाराज पार्षदों ने कुछ दिन पूर्व बजट सम्मेलन के प्रस्ताव और एमआईसी के कुछ फैसलों पर आपत्ति लेकर संगठन मंत्री प्रदीप जोशी को शिकायत की थी। संगठन मंत्री खुद मामले में सम्मेलन के एजेंडा व तारीख के घटनाक्रम पर नजर रख रहे है। पार्षदों के असंतोष से जोशी ने महापौर और निगम के अध्यक्ष को भी अवगत कराया है।

जल्द कराएंगे सम्मेलन
बजट सम्मेलन जल्द कराया जाएगा, इस संबंध में चर्चा हो रही है। किसी तरह की परेशानी या शिकायत नहीं है, प्रक्रिया जारी है सम्मेलन जल्दी होगा।
- अशोक पोरवाल, अध्यक्ष नगर निगम रतलाम

जनता परेशान हो रही
बजट सम्मेलन समय पर होना चाहिए, बजट नहीं आने से जनता को भी कई कार्यो के लिए चक्कर काटना पड़ रहे है। एमआईसी में इस पर महापौर व आयुक्त से चर्चा की।
- प्रेम उपाध्याय, एमआईसी सदस्य

एक दिन बाद ही स्वीकृति
मैंने बजट पत्रक पेश होने के दौरान एमआईसी की अनुशंसा के एक दिन बाद ही बजट सम्मेलन को लेकर अपनी सहमति दे दी थी, देरी क्यों हो रही है इस पर बात करेंगे।
- डॉ. सुनीता यार्दे, महापौर रतलाम

गतिविधि पर बात नहीं
संगठन की गतिविधि या पार्टी फोरम के अतिरिक्त इस प्रकार की बात पर चर्चा करना संभव नहीं है। इस विषय में अधिकृत तौर पर कुछ नहीं कह सकता।
- प्रदीप जोशी, संगठन मंत्री भाजपा

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