कर्मचारियों के हक के लिए लडऩे की वजह से रहेंगे हमेशा याद

कर्मचारी नेता की याद में हुआ आयोजन

By: harinath dwivedi

Published: 20 Jul 2018, 05:46 PM IST

रतलाम. रेलवे में १५ लाख कर्मचारी है। इनमे से कुछ ही नेता बन पाते है। नेता वो बनता है जो अपने कर्मचारियों के लिए सीधे लड़ाई लडे़। जो कमजोर व शोषित के खिलाफ आवाज उठाता है वो ही सच्चा नेता होता है। मनीष गोठवाल उनमे से ही एक थे। ये बात वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री जेजी माहुरकर ने गुरुवार को संघ कार्यालय में कही।


बता दे कि रेल संगठन के नेता व पदाधिकारी रहे मनीष गोठवाल की मौत मंगलवार-बुधवार की रात हो गई थी। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि उनकी मौत गलत इन्जेक्शन के साथ बेहतर इलाज न होने से हुई। मामले की जांच के आदेश हो चूके है। इन सब के बीच गुरुवार को मजदूर संघ कार्यालय में गोठवाल को याद करने के लिए आयोजन हुआ। इसमे पश्चिम रेलवे के मजदूर संघ महामंत्री माहुरकर के अलावा अध्यक्ष शरीफ खान पठान, मंडल मंत्री बीके गर्ग, वेसटर्न रेलवे एम्प्लाईज यूनियन के मंडल मंत्री एसबी श्रीवास्तव सहित अनेक रेल कर्मचारी उपस्थित हुए।

फिजियोथेरेपिस्ट नियुक्त की मांग
महामंत्री माहुरकर कर्मचारी नेताओं के साथ मंडल रेल प्रबंधक आरएन सुनकर से मिले। अतिरिक्त फिजियोथेरेपिस्ट नियुक्त करने की मांग की। माहुरकर ने बताया कि रेलवे अस्पताल में एक ही फिजियोथेरेपिस्ट होने से उन पर कार्य का बोझ रहता है। एेसे में कार्य प्रभावित होता है। डीजी हेल्थ ने भरोसा दिया कि शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। बाद में मृतक गोठवाल के घर गए व संवेदना प्रकट की। महामंत्री माहुरकर कर्मचारी नेताओं के साथ मंडल रेल प्रबंधक आरएन सुनकर से मिले। अतिरिक्त फिजियोथेरेपिस्ट नियुक्त करने की मांग की। माहुरकर ने बताया कि रेलवे अस्पताल में एक ही फिजियोथेरेपिस्ट होने से उन पर कार्य का बोझ रहता है। एेसे में कार्य प्रभावित होता है। डीजी हेल्थ ने भरोसा दिया कि शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। बाद में मृतक गोठवाल के घर गए व संवेदना संवेदना प्रकट की।

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