आसाराम का फैसला : हाई अलर्ट पर पुलिस

आसाराम का फैसला : हाई अलर्ट पर पुलिस

By: harinath dwivedi

Published: 25 Apr 2018, 05:02 AM IST

रतलाम. अपने की गुरुकुल की नाबालिग छात्रा से रेप के मामले में जोधपुर कोर्ट में करीब पांच वर्ष से बंद आसाराम का फैसला बुधवार को सुनाया जाएगा। इसको लेकर विवाद और उपद्रव की आशंका को लेकर सरकार ने पूरे देश में अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश के भी कई शहरों में पुलिस हाई अलर्ट पर है। रतलाम में आसाराम के समर्थकों की भारी तादात है, इसके चलते बड़ी संख्या में आसाराम के आश्रम के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

रतलाम पुलिस ने आसाराम के पंचेड़ आश्रम के साथ ही जेवीएल मंदिर पर भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी है। पुलिस के आला अधिकारियों ने शहर सहित जिलेभर में मौजूद आसाराम के समर्थकों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए है, जिससे कि फैसला आने के बाद किसी प्रकार की विवाद की स्थिति निर्मित न हो सके।

 


दरअसल रतलाम में भी आसाराम के बड़ी संख्या में भक्त है। एेसे में आसाराम के खिलाफ फैसला होने पर उनके भक्तों द्वारा यहां भी उत्पात मचाए जाने की आशंका को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त सर्तकता बरतना अभी से शुरू कर दिया है। इसके चलते देर शाम पुलिस फोर्स पंचेड़ आश्रम के साथ जेवीएल मंदिर पर पहुंचा और पूरे परिसर पर विशेष रूप से चौकसी बड़ा दी है। इसके अतिरिक्त पुलिस आसाराम से जुड़े हर उस शख्स पर भी नजर रखे हुए है, जो फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया किसी भी रूप में व्यक्त कर सकते है।

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पुलिस ने संभाला मोर्चा
आसाराम को लेकर पुलिस ने अभी से मोर्चा संभाल लिया है। एसपी अमित सिंह की माने तो शहर में भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, जिससे कि कहीं पर भी किसी प्रकार से विवाद की स्थिति निर्मित न हो सके। यदि कहीं कोई स्थिति बिगड़ती भी है, तो पुलिस उससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पुलिस का मानना है कि उसकी बेहतर व्यवस्था के चलते उनका प्रयास यहीं रहेगा कि जिले में शांति व्यवस्था पूरी तरह से बनी रहे।

रतलाम के एसपी अमित सिंह ने बताया कि आसाराम पर फैसले को ध्यान में रखते हुए रतलाम जिले में उनसे जुड़ी जितनी भी प्रापर्टी है, वहां पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस फोर्स लगाया गया है। इसके अतिरिक्त उनसे जुड़े लोगों पर भी विशेष रूप से नजर रखी जा रही है।

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पुलिस ने बताया कि नाबालिग से दुष्कर्म के केस में आसाराम पर फैसला बुधवार को सुनाया जाएगा। फैसला सुनाने के लिए अदालत जोधपुर सेंट्रल जेल में ही लगेगी। इसे लेकर एहतियाती कदम के तौर पर जोधपुर में भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आसाराम के समर्थक शहर में नहीं पहुंच पाएं इसको लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर आने वाली बस, कारों की जांच से लेकर ट्रेन के यात्रियों तक पर नजर रखी जा रही है। आसाराम के आश्रमों द्वारा समर्थकों के लिए अपील जारी की जा रही हैं कि वे जोधपुर नहीं पहुंचे।

 

आसाराम पर आरोप है कि उन्होंने अपने मध्य प्रदेश स्थित छिंदवाड़ा आश्रम में पढऩे वाली 12वीं की छात्रा को इलाज के बहाने जोधपुर के मणई आश्रम में बुलाकर उससे रात रेप किया। साथ ही, शोर मचाने पर आश्रम में मौजूद उसके माता-पिता को मार डालने की धमकी दी। इसी मामले में आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल में 01 सितंबर 2013 से बंद हैं। इसके बाद उनके समर्थकों ने देश भर में विरोध प्रदर्शन किए थे। जब से आसाराम जेल पहुंचे तब से उनकी जामनत नहीं हो पाई और वे करीब पांच साल से जेल में बंद हैं। 15 अगस्त 2013 में दुष्कर्म के आरोपी जोधपुर जेल में वर्ष 2015 से बंद आसाराम के केस की सुनवाई सात अप्रैल को पूरी हो गई थी। इसके बाद फैसले की तिथि कोर्ट से निश्चित हुई। रतलाम शहर के निकट स्थित आश्रम के आसापास सीसीटीवी कैमरे के जरिए नजर रखी जाती है।

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आसाराम पर नाबालिग छात्रा से रेप के अलावा और कई और भी संगीन आरोप हैं। उनके समर्थक दिल्ली, अहमदाबाद और जयपुर समेत जगह-जगह बने आश्रमों पर उनके अनुयाई हैं। आसाराम के आश्रम में वर्ष 2008 में साबरमती स्थित मोटेरा आश्रम में कथित तौर पर दो बच्चों के कंकाल मिले थे। इस मामले में आश्रम में रहने वाले सात साधक गिरफ्तार हुए थे। इस केस में माना जा रहा था कि तंत्र साधना के दौरान दोनों बच्चों की बलि दी गई थी। आसाराम पर आरोप है उन्होंने गवाहों को भी डराने का प्रयास किया। कुछ गवाहों की हत्या भी हो चुकी है।

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harinath dwivedi Editorial Incharge
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