विधानसभा में नहीं टूटा विधायकों का मौन

विधानसभा में क्षेत्र के मुद्दों पर नहीं हो सकी चर्चा, मंदसौर-नीमच से भी कम प्रश्न

By: harinath dwivedi

Published: 09 Dec 2017, 06:19 PM IST

सचिन त्रिवेदी
रतलाम। प्रदेश की विधानसभा का शीतकालिन सत्र विपक्ष के तीखे तेवरो के साथ समाप्त हो गया। १० दिनी सत्र के दौरान महज ८ दिन ही नियमित सवाल-जवाब हो पाए। इनमें भी रतलाम जिले के विधायकों की आवाज सत्र के दौरान कम ही सुनाई दी। रतलाम शहर, ग्रामीण और सैलाना विधायक की ओर से एक भी प्रश्न सदन के पटल पर नहीं आया। कुछ मुद्दें जावरा और आलोट विधायकों ने तारांकित प्रश्नों के माध्यम से जरूर उठाए है।

भावांतर योजना में किसानों की उलझन और रतलाम को संभाग बनाने की सरकार की मंशा के बीच प्रदेश विधानसभा का शीतकालिन सत्र हंगामा और विपक्ष के भारी विरोध के बीच जिले के लिए आम दिनों की तरह रहा। २७ नवंबर से ८ दिसंबर तक नियमित कामकाज प्रस्तावित था, लेकिन विपक्ष के तेवरों के बाद सत्र ४ दिसंबर को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र के ८ कार्य दिवसों में रतलाम जिले की पांच विधानसभाओं से चुने गए विधायकों की उपस्थिति तो ठीक-ठाक रही, लेकिन बड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं हो सकी। विस सत्र के पहले ३ दिनों मेंं एक भी सवाल नहीं पूछने वाले रतलाम जिले के विधायक आखिरी के ५ दिनों में कुछ सक्रिय हुए, हालांकि इस दौरान भी रतलाम शहर, रतलाम ग्रामीण व सैलाना विधायक का प्रश्न सदन के पटल पर नहीं आया।

मंदसौर-नीमच में भी कम सक्रियता
मंदसौर और नीमच जिलों की ७ विधानसभाओं से भी कम ही विधायक सत्र के दौरान सक्रिय रहे। मंदसौर विधायक यशपालसिंह सिसोदिया और सुवासरा विधायक हरदीपसिंह डंग के प्रश्न तारांकित में आए। जबकि नीमच जिले से मनासा विधायक कैलाश चावला ने उर्जा मंत्री पारसचंद्र जैन से तारांकित सूची में आए प्रश्नों के जरिए जानकारी प्राप्त की।

पहले चार दिन, दो विधायक रहे सक्रिय
मानसून सत्र के पहले चार दिन २७ से ३० नवं. के बीच जावरा विधायक डॉ. पांडेय और आलोट विधायक गेहलोत ने सवाल पूछे। तारांकित सूची मेंं इन विधायकों ने विधानसभा के मसलों पर सरकार से जानकारी ली। रतलाम शहर विधायक काश्यप और ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर ने एक भी सवाल नहीं पूछा। यही स्थिति सैलाना विधायक संगीता चारेल की भी रहीं।

आखिरी चार दिन 1 विधायक सक्रिय
१ से ४ दिसंबर के बीच भी आलोट विधायक गेहलोत ही प्रश्नोत्तरी में सक्रिय रहे। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री से सड़कों की स्थिति और निर्माण कार्यो की जानकारी ली। इसके पूर्व जावरा विधायक डॉ. पांडेय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा गेहलोत ने वाणिज्य और उद्योग तथा रोजगार मंत्री से संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी हासिल की है।

इनका कहना
सत्र के दौरान स्थानीय बड़े आयोजनों में शामिल रहे साथ ही मुख्यमंत्री का भी जिले में प्रवास था। शहर के मुद्दों को प्राथमिकता में रखकर सभी स्तरों पर चर्चा की जाती है। पहले उद्योग, मेडिकल कॉलेज, सीवरेज प्रोजेक्ट पर आवश्यकतानुसार सीधे भोपाल चर्चा कर व्यवस्थाएं कराई गई है।
- चेतन्य काश्यप, उपाध्यक्ष राज्य योजना आयोग व शहर विधायक
विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से चर्चा की है। हमने उनको क्षेत्र की जनता की मांगों से अवगत करा दिया है। विधानसभा में सरकार की ओर से ज्यादातर कार्य किए जा रहे है। विधानसभा की चर्चा में शामिल होते है, तारांकित प्रश्न नहीं आया।
- मथुरालाल डामर, विधायक रतलाम ग्रामीण
विस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विधानसभा में आए थे, उनके समक्ष ज्यादातर प्रस्ताव रखे गए हैं। विधानसभा सत्र के दौरान प्रमुख मुद्दों को उठाया गया है। प्रक्रिया के तहत सवाल सदन के पटल पर लिए जाते है, करीब २० सवाल सत्र के दौरा पूछे गए है। इस दौरान हम क्षेत्र में भी चर्चा को प्राथमिकता देते है।
- डॉ. राजेन्द्र पांडेय, विधायक जावरा
विस सत्र के दौरान विधानसभा से जुड़े कई प्रश्न रखे थे लेकिन बहस के दौरान सूची में शामिल नहीं हुए। जहां आवश्यकता होती है विभाग के मंत्री से चर्चा कर विधानसभा की मांग को उनके समक्ष रखा जाता है। क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहे है।
- संगीता चारेल, विधायक सैलाना

harinath dwivedi Editorial Incharge
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