बैंक फ्रॉड : इस छोटे से शहर में चाय बेचने वाले के नाम पर दिल्ली में ले लिया 1.30 करोड़ का लोन

बैंक फ्रॉड : इस छोटे से शहर में चाय बेचने वाले के नाम पर दिल्ली में ले लिया 1.30 करोड़ का लोन

harinath dwivedi | Publish: Feb, 15 2018 02:04:06 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

50 हजार का लोन लेने पहुंचा तब हुआ घोटाले का खुलासा

मंदसौर. पंजाब नेशनल बैंक में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले के बीच एक और बड़ा बैंक घोटाला सामने आया है। इसमें एक छोटे से चाय दुकानदार के नाम पर किसी ने 1.30 करोड़ रुपए का लोन ले लिया है। इसका खुलासा तब हुआ जब चाय वाल अपने लिए ५० हजार को लोन लेने के लिए बैंक पहुंचा। बैंक ने बताया कि आपके नाम से पहले ही 1.30 करोड़ का लोन चल रहा है। यह सुनते ही चायवाले के पैरो तले की जमीन खिसक गई। खास बात यह है कि जिसने भी लोन लिया है उसका चाय ब्रिकेता से कोई संबंध भी नहीं है। बैंक के अधिकारी भी सकते में है कि यह कैसे हुआ।

bank fraud news

शहर के रायल ऑपटिक्ल के पास चाय की दुकान लगाने वाले एक व्यक्ति के नाम से दिल्ली के एक व्यक्ति ने एक करोड़ 30 लाख रूपए का लोन ले लिया। जिसकी शिकायत संबंधित ने कोतवाली पुलिस में की। जब पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की तो सामने आया कि लोन लेने वाले की मौत हो चुकी है और लोन की किश्त समय पर जमा हो रही है। आगे की जांच के लिए कोतवाली पुलिस दिल्ली रवाना हुई है।

चाय दुकान संचालक राकेश पंवार ने बताया कि कुछ दिनों पहले मुझे दुकान के लिए लोन चाहिए था। इसलिए बैंक ऑफ बड़ोदा बैंक गया। यहां पर असिस्टेंट मैनेजर वरूण से मिला। उन्होंने मुझे कहा कि आपकी सिविल चैक करना पड़ेगी। जब मेरी सिविल चैक की तो दिल्ली में करीब एक करोड़ 30 लाख रूपए का लोन लेना बताया। जो मैंने नहीं लिया। इसके बाद मैंने शिकायत कोतवाली थाने में की। मैंने केवल एक ३६ हजार का गोल्ड लोन आईसीआईसीआई बैंक से लिया था।

 

bank fraud news

थानाप्रभारी विनोद ङ्क्षसह कुशवाह ने बताया कि दिल्ली के जनकपुरी के सेंट मारकर सीनियर पब्लिक स्कूल के शिक्षक राकेश पंवार ने एक करोड़ 30 लाख रूपए का लोन लिया था। वहां के प्राचार्य खरे से बात हुई तो उन्होंने बताया कि राकेश की मौत हो चुकी है। जांच में सामने आया कि लिए गए लोन की किश्त समय पर जमा हो रही है। थानाप्रभारी कुशवाह ने बताया कि किश्त कौन जमा कर रहा है। इसकी जांच की जाएगी। चूंकि दोनों का नाम राकेश है इसलिए गलती से कागजात लगाए या धोखाधड़ी की गई है इसकी जांच भी की जाएगी।

Ad Block is Banned