इस जिले में प्याज की बंपर आवक अधिकारियों की उड़ी नींद

इस जिले में प्याज की बंपर आवक अधिकारियों की उड़ी नींद

Gourishankar Jodha | Publish: Sep, 16 2018 01:36:28 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 01:36:29 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

इस जिले में प्याज की बंपर आवक अधिकारियों की उड़ी नींद

रतलाम। प्रदेश के इस जिले में प्याज की बंपर आवक ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है, तो दूसरी तरफ सवाल भी खड़े हो रहे है कि आखिर यहां इतनी मात्रा में प्याज आ कहा से रहा है। जबकि 16 मई से 30 जून तक भावांतर योजना अन्तर्गत जिले की मंडियों में 7 लाख 65 हजार क्विंटल तक प्याज खरीदा जा चुका था, इसके बावजूद हर दिन अब भी 30-40 हजार कट्टे प्याज का मंडी पहुंचना अधिकारियों की परेशानी बढ़ा रहा है।भावांतर योजना में प्याज खरीदी बंद होने के बावजूद कृषि उपज मंडी में प्याज की बंपर आवक पर सवाल खड़े कर रहा है। एक कारण यह भी है कि किसानों ने अगस्त में सरकारी खरीदारी के चक्कर में काफी प्याज एकत्रित कर रखा था, अब वह निकल रहा है। कई किसान भाव कम मिलने के बावजूद उपज बैचने को मजबूर है। क्योंकि आगामी माह में अगली फसल आ जाएगी। मंडी प्रशासन की भी नंीद उड़ी हुई है कि आखिर इतना प्याज आ कहां से रहा है, जबकि आगामी सोयाबीन का सीजन सिर पर है और अगले माह से नये नासीक प्याज की शुरुआत भी हो जाएगी, तो व्यवस्था कैसे संभलेंगी।

बता दे कि मंडी में प्रतिदिन 400-600 तक ट्राली में प्याज पहुंच रहा है, पिछले 1 से 15 सितंबर यानि 7 दिन में 1 लाख 75 हजार कट्टे मंडी पहुंच गए है। पिछले साल की तुलना में अब तक ३ लाख से अधिक प्याज के कट्टों की आवक मंडी में हो चुकी है, जबकि तीन माह शेष है। शनिवार को भी 600 से अधिक ट्राली में प्याज पहुंचा। 16 मई से 30 जून तक हुई भावांतर योजना अन्तर्गत प्याज की कुल जिले में 765138 क्विंटल खरीदी हुई थी। 1 जुलाई से 15 सितंबर तक ढाई माह में जिले की मंडी में 371103 क्विंटल प्याज आ चुका है, जबकि अब भी किसानों के पास उत्पादन के मान से 3-4 लाख क्विंटल प्याज और किसानों के पास शेष हो सकता है।

 

काफी आवक है, सीजन को देखते व्यवस्था बदलेंगे
लहसुन-प्याज की आवक काफी हो रही है, वरिष्ठालय से जानकारी तो ली जा रही है। रतलाम में जावरा से अधिक प्याज आ रहा है, उत्पादन भी काफी हुआ है। पता चला है कि इंदौर में मंडी बंद होने के कारण काफी माल रतलाम मंडी आया है। मंडी में जगह की कमी है सोयाबीन और नासीक का प्याज भी सामने है अगर यही स्थिति रही तो काफी परेशानी हो सकती है, इसलिए व्यवस्था बदलने पर विचार किया जा रहा है।
एमएल बारसे, सचिव कृषि उपज मंडी, रतलाम

 

जिले में अब भी 3-4 लाख क्विंटल प्याज होना चाहिए
जिले में साढ़े छह से 7 हजार हेक्टेयर करीब रकबा है, प्रति हेक्टेयर २५० क्विंटल का उत्पादन माना जाता है। इस मान से करीब 15-16 लाख क्विंटल प्याज का उत्पादन जिले में है। आधा करीब प्याज योजना अन्तर्गत तुल गया था। प्याज में 6373 किसानों के खाते में राशि डाली गई है। करीब 7 लाख 51 हजार क्विंटल प्याज खरीदा, जिसकी कुल राशि 26 करोड़ 6 लाख रुपए किसाों के खातें डाली गई है। इस साल 100-200 हेक्टेयर करीब रकबा बढ़ा है। अब भी मंडी में आवक के मान से करीब 3-4 लाख क्विंटल प्याज अब भी शेष किसानों के पास हो सकता है।
एसएस तोमर, उद्यानिकी विभाग, रतलाम

 

मंडी में तीन साल में कब कितना प्याज आया
2015-16में 12 लाख 42 हजार 166 कट्टे
2016-17 में 16 लाख 61 हजार 740 कट्टे
2017-18 में 10 लाख 88 हजार 830 कट्टे
15 सितंबर 2018 तक 13 लाख 23 हजार 920 कट्टे

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