सीबीएसई संबद्ध स्कूलों के लिए यह फरमान जारी किया सीबीएसई बोर्ड ने

सीबीएसई संबद्ध स्कूलों  के लिए यह फरमान जारी किया सीबीएसई बोर्ड ने

harinath dwivedi | Publish: Jan, 14 2018 08:16:29 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

स्कूलों को जारी किए सीबीएसई ने निर्देश, कहा स्कूलों का मासिक बिजली बिल कम करें

रतलाम। बड़े-बड़े स्कूलों में बिजली का भी बहुत ज्यादा उपयोग होता है। बिजली की खपत कम करने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई से संबद्ध सारे स्कूलों को निर्देश जारी करके कहा कि वे ज्यादा से ज्यादा सौलर पैनल लगाकर हरित ऊर्जा का उपयोग करे। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। सीबीएसई का मानना है कि स्कूल व शैक्षणिक संस्थान हर दिन के लिए बहुत अधिक बिजली का उपभोग करते हैं। इससे वर्तमान में गैर नवीनीकरणीय स्रोतों से प्राप्त किया जाता है। सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सौर मिशन को शुरू किया है। इसी के तहत सीबीएसई संबद्ध स्कूलों को सौर ऊर्जा के ज्यादा से ज्यादा उपयोग के निर्देश दिए गए हैं।

 

स्कूल की छतों पर लगाना होंगे पैनल

सीबीएसई संबद्ध स्कूल अपने परिसर में सौर पैनलों को छत के ऊपर या कैंपस के रिक्त अप्रयुक्त स्थानों पर स्थापित करे। ऊर्जा क्षमता के अधिकतम उपयोग के साथ-साथ उनकी शक्ति की जरूरतों और शक्ति बैकअप के अलावा एलईडी लाइट्स का उपयोग किया जाए तो बेहतर होगा।

यह होगा फायदा

सरकार के अनुसार राज्य ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर धन जुटाने की नीति है। विद्यालयों में सौर ऊर्जा और एलईडी रोशनी का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए योगदान देगा स्कूल के बच्चों के बीच ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस समय सौलर पैनल पर आने वाली लागत आगे आने वाले वर्षों में स्कूलों की वित्तीय स्थिरता में भी बचत होगी।

 

 

सीबीएसई की प्रायोगिक परीक्षाएं १५ के बाद

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की बोर्ड कक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षाएं १५ फरवरी के बाद कभी भी शुरू हो सकती है। ये परीक्षाएं स्कूलों को तय शेड्युल के अनुसार १५ फरवरी के पहले पूरी तरह समाप्त करके इसके अंकों और पूरी जानकारी के साथ सीबीएसई को प्रस्तुत करना होगी। सूत्रों के अनुसार सीबीएसई ने अभी इसके लिए अधिकृत रूप से कोई समय सीमा निर्धारित करने संबंधी पत्र या निर्देश जारी नहीं किए हैं। यह दीगर बात है कि इस अवधि में प्रायोगिक परीक्षाएं कराई जाना अनिवार्य है और जल्द ही निर्देश जारी हो सकते हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि १५ फरवरी तक पूरा करने की बजाय २० फरवरी भी हो सकती है।

 

परीक्षकों के लिए जारी होंगे निर्देश

एक स्कूल से दूसरे स्कूल में प्रायोगिक परीक्षा लेने जाने के लिए सीबीएसई से ही परीक्षकों के नाम तय होंगे और वहीं से निर्देश भी जारी होंगे। ये आदेश अपनी जगह होते हैं और किसी परीक्षक को कहां जाना और कहां नहीं यह खुद ही स्कूलों से म्यूचुअल करके चले जाते हैं। ऐसा करके ये सीबीएसई के नियमों को भी नहीं मानते हैं।

बोर्ड परीक्षाएं ५ मार्च से

सीबीएसई की १०वीं और १२वीं की वार्षिक परीक्षाएं ५ मार्च से शुरू हो रही है। दोनों परीक्षाएं एक साथ चलेंगी और थोड़े अंतराल से खत्म हो जाएंगी। १०वीं में कम विषय होने से ये परीक्षाएं ४ अप्रैल तक खत्म हो जाएंगी जबकि १२वीं में विषय और प्रश्र पत्रों की की अधिकता होने से परीक्षाएं १२ अप्रैल तक चलेंगी।

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