स्टे मिलते ही बच्चों ने मनाई खुशी

स्टे मिलते ही बच्चों ने मनाई खुशी

By: kamal jadhav

Updated: 23 Jan 2020, 11:53 AM IST

रतलाम। मलवासा हाईस्कूल के निलंबित प्राचार्य आरएन केरावत को उच्च न्यायालय इंदौर से स्टे मिल गया है। प्राचार्य केरावत को स्टे मिलने की जानकारी शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी सोश्यल मीडिया के माध्यम से पहुंची तो मलवासा के स्कूल में विद्यार्थियों ने खुशियां मना ली। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। इसके पहले बच्चों ने मंगलवार को हड़ताल खत्म होने के साथ ही बुधवार को प्री बोर्ड और प्री वार्षिक परीक्षा में शामिल होने की बात कही थी। इसी क्रम में उन्होंने बुधवार की सुबह हुई परीक्षा में शामिल होकर प्रश्नपत्र भी दिए। दूसरी तरफ प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा नेता हिम्मत कोठारी ने मंगलवार को केरावत द्वारा जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश भरावा की मौजूदगी में प्रेस कांफे्रंस किए जाने को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केरावत को नौकरी से बर्खास्त करने की धौंस देकर प्रेस कांफे्रंस करवाई थी।

दोपहर में मिला स्टे
प्राचार्य आरएन केरावत ने संभागायुक्त के निलंबन के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय इंदौर में याचिका दायर की थी। उनकी तरफ से डब्ल्यूपी नंबर १३९८/२०२० के माध्यम से इस आदेश को चुनौती दी थी कि उन्हें निलंबित किया जाना गलत है। स्कूल में एक एनजीओ ने फ्रीडम फाइटर की चित्र लगी नोटबुक बांटी गई यह एक संयोग है। इसमें उनकी तरफ से कोई प्रायोजित नहीं था। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश केसी शर्मा ने इस याचिका पर उन्हें स्टे देते हुए कहा कि वे अब प्राचार्य के रूप में स्कूल में रह सकते हैं। इस मामले में अगली सुनवाई ३० मार्च तय की गई है। प्राचार्य केरावत ने उन्हें स्टे मिलने की बात की पुष्टि की है।

बच्चों ने खुशी मनाते हुए बांटी मिठाई
मलवासा के हाईस्कूल में पढ़ रहे बच्चे अपने प्राचार्य के निलंबन के बाद से ही विरोध करके सड़क पर उतरे थे। उन्हें बुधवार को जैसे ही सोश्यल मीडिया से अपने प्राचार्य को हाईकोर्ट से स्टे मिलने की जानकारी लगी तो सारे बच्चे स्कूल में ही एकत्रित हुए और उन्होंने जमकर खुशी मनाई। साथ ही एक-दूसरे को मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार भी किया। छात्र सुनील पाटीदार ने बताया की हम सर के लिए धरना दे रहे थे हमें ओर हमारे पालकों व टीचरों को धमकाया गया गांव के नेताओं ने और प्रशासन ने भी पुलिस बुलाकर हम धमकाया। अब सर को सरकार के आदेश पर स्टे मिल गया है तो हमारी जीत हुई है।

पूर्व मंत्री ने कहा कांग्रेस ने केरावत को धमकाया
पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने एक बयान जारी करके कहा कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष के चेम्बर में हाई स्कूल मलवासा प्राचार्य आरएन केरावत को कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश भरावा एव जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ ने बुलाकर नौकरी से बर्खास्त करने की धौंस देकर मीडिया के सामने उनसे यह कहलवाया की वीर सावरकर के फोटो को फाड़कर कॉपी वितरित की गई थी। जिस प्रकार से कांग्रेस नेताओं ने यह कृत्य किया वह घोर निंदनीय और आपतिजनक है। कोठारी ने मांग की है कि जिला पंचायत कार्यालय में बुलाकर शिक्षक को धौंस देना एवं मीडिया के सामने इस प्रकार का कृत्य कराए जाना गलत है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिला पंचायत को राजनीति का अड्डा नहीं बनने दिया जाए। कोठारी ने कहा कि जिला पंचायत के उपाध्यक्ष का पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है उन पर कई आपराधिक प्रकरण है ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस पार्टी उपयोग कर रही है जो सीधे-साधे शिक्षकों को धमकाने का कृत्य करता। कोठारी ने कहा वीर सावरकर का स्वतंत्रता आंदोलन में बहुत बड़ा योगदान है। उन पर हुए अत्याचार उनका राष्ट्र के प्रति प्रेम एवं जीवन गाथा इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में लिखा हुआ है।
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कोर्ट से स्टे मिल गया
कोर्ट से स्टे मेरे निलंबन पर स्टे मिल गया है। मुझे न्याय मिला है तो मैं अपने कत्र्तव्य पर वापस कोर्ट के आदेश पर ज्वाइन करके कार्य संभालुंगा।
आरएन केरावत, निलंबित प्राचार्य हाईस्कूल मलवासा
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मैं शिक्षा समिति का अध्यक्ष हूं। जिस तरह मेरे विभाग में जो घटनाक्रम हुआ है उस पर मैंने शिक्षक से खुद बात की। मैं व्यक्तिगत रूप से शिक्षक का सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि वे खुद दुखी है। उन्होंने अपनी बात मीडिया के माध्यम से आम जनता तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया।
डीपी धाकड़, उपाध्यक्ष जिला पंचायत, रतलाम

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