लिपिक ने दिखाया चमत्कार: 10 की बजाय 100-100 रुपए के काट दिए चालान

लिपिक ने दिखाया चमत्कार: 10 की बजाय 100-100 रुपए के काट दिए चालान

Yggyadutt Parale | Updated: 19 Jul 2019, 05:49:07 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

लिपिक ने दिखाया चमत्कार: 10 की बजाय 100-100 रुपए के काट दिए चालान

रतलाम। मेधावी विद्यार्थियों से चालान के रूप में मात्र दस रुपए लिए जाना हैं किंतु स्वामी विवेकानंद वाणिज्य महाविद्यालय के लिपिक ने उनसे 100-100 रुपए के चालान भरवा लिए। हैरत की बात यह है कि मेधावी विद्यार्थियों में शुमार कुछ बच्चों से बकायदा 10-10 रुपए के ही चालान लिए गए किंतु कुछ विद्यार्थियों को कॉलेज के लिपिक ने 100-100 रुपए जमा करवा लिए। मामले में जब प्रभारी प्राचार्य डॉ. राकेश माथुर को पता चला तो उन्होंने इस बात की जांच करने की बात कही है।

एक रुपए का चालान कटता था पहले
मेधावी विद्यार्थियों को फीस में तो सरकार ने माफी दी ही थी चालान के रूप मे केवल एक रुपए का चालान कटवाकर प्रवेश दिया जाता रहा है। एक रुपए का चालान नहीं कटने से इसे बढ़ाकर 10 रुपए कर दिया गया। पिछले सालों में भी इतनी ही राशि चालान के रूप में जमा करवाई गई किंतु इस बार लिपिक ने इनसे 100-100 रुपए का चालान जमा करवा लिया। अभाविप के छात्र नेता कृष्णा डिंडोर ने बताया विद्यार्थियों की समस्याएं जानने के दौरान यह बात पता चली।

दोनों मेधावी छात्राओं से लिए 100-100 रुपए
बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा अंजलि शर्मा और बीबीए तृतीय वर्ष की छात्रा खुशी कसेरा से बकायदा 100 रुपए के चालान कटवाए गए हैं। यह इन विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। खुशी और अंजलि ने बताया कि कॉलेज के लिपिक से चालान की राशि के बारे में पूछा तो उन्होंने 100 रुपए के चालान जमा करने को कहा। वे एमपी ऑनलाइन कियोस्क पर गई तो पर्ची के अनुसार 100-100 रुपए का ही चालान काटा गया। इसकी उनके पास रसीद भी मौजूद है।

पहले साल 100 रुपए लिए जाना होते
पहले साल के मेधावी विद्यार्थियों से लिए जाते हैं जो कॉशन मनी के रूप में होते हैं जो उन्हें कॉलेज छोडऩे के बाद वापस कर दिए जाते हैं। दूसरे और तीसरे वर्ष के विद्यार्थियों से मात्र 10 रुपए का चालान काटा जाता है। लिपिक ने ऐसा क्यों किया है यह शुक्रवार को पता किया जाएगा।
राकेश माथुर, प्रभारी प्राचार्य स्वामी विवेकानंद वाणिज्य महाविद्यालय, रतलाम

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