कौन होगा मप्र में कांग्रेस का सीएम कंडीडेट, प्रदेश प्रभारी बावरिया ने किया खुलासा

कौन होगा मप्र में कांग्रेस का सीएम कंडीडेट, प्रदेश प्रभारी बावरिया ने किया खुलासा

Sachin Trivedi | Updated: 30 Jun 2018, 02:23:37 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

विधानसभावार कार्यकर्ताओं से बात, भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर भी साधा निशाना

रतलाम. प्रदेश में कांग्रेस का सीएम चेहरा कौन होगा, इस पर अब तक संशय बना हुआ था, लेकिन मध्य प्रदेश के प्रभारी और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव दीपक बावरिया ने इसका खुलासा कर दिया है। रतलाम में भाजपा के कब्जे वाली ५ विधानसभा सीटों को कांग्रेस के पक्ष में करने के लिए कार्यकर्ताओं से संवाद करने आए बावरिया ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार के प्रति लोगों मेंं गहरी नाराजगी है, भाजपा के ही लोग सीएम को हटाना चाहते है, कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और स्टार प्रचारक सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद के चेहरे होंगे। प्रदेश मेें कांग्रेस की सरकार बनने पर इनमें से ही कोई मुख्यमंत्री बनेगा।

प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की ही होगी

हालांकि उन्होंने माना कि कार्यकर्ताओं में समन्वय की कुछ कमी है और असंतोष है, लेकिन प्रदेश में बदलाव की सोच के चलते कांग्रेस मजबूत स्थिति में आ गई है, प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की ही होगी। विधानसभा चुनाव से पूर्व तैयारी में जुटी कांग्रेस ने शुक्रवार को जिले की पांचों विधानसभा के कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ नेताओं से संवाद किया। प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया और संभाग प्रभारी राहुल रिछारिया की मौजूदगी में वन-टू-वन चर्चा की गई। रतलाम विधानसभा के संभावित दावेदारों पर सवाल उठे तो आलोट और जावरा में गुटों में बंटे नेताओं के कारण संगठन की गतिविधियां धीमी होने की बात उठी।

शहरी विधानसभा की चर्चा सबसे आखिरी में

शहर के वैशाली गार्डन में प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, संभाग प्रभारी राहुल रिछारिया के साथ जिला प्रभारी धीरूभाई पटेल, अल्पेश दवे और सांसद कांतिलाल भूरिया ने कार्यकर्ताओं तथा नेताओं से चर्चा की। मंच पर प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष यास्मीन शैरानी, जिलाध्यक्ष प्रभु राठौर और सांसद पुत्र विक्रांत भूरिया बैठे थे। कांग्रेस नेता पारस सकलेचा और जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ को मंच पर जगह नहीं दी गई। इसका कारण शहरी संगठन के पदाधिकारियों का विरोध रहा। बैठक की शुरूआत शहर विधानसभा से होना थी, लेकिन ग्रामीण विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने बारिश का हवाला देकर पहले चर्चा की मांग की, इस पर प्रदेश प्रभारी बावरिया ने पहले ग्रामीण कार्यकर्ताओं को बुलाया। शहरी विधानसभा की चर्चा सबसे आखिरी में कराई।

शहरी नेताओं ने कहा, सनातनी प्रत्याशी चाहिए
ग्रामीण विधानसभा की बैठक में कार्यकर्ताओं ने बड़े कार्यक्रमों में उनकी उपेक्षा का मुद्दा उठाया। इसके बाद जावरा विधानसभा के कार्यकर्ता गुटबाजी की शिकायत लेकर सामने आ गए। आलोट और सैलाना से भी कार्यकर्ताओं ने संगठन को सक्रिय करने और मैदानी कार्यकर्ताओं को तवज्जो दिए जाने की बात रखी। शाम करीब ५ बजे बाद शहरी विधानसभा की बैठक हुई तो पदाधिकारियों ने साफ कर दिया कि विधानसभा प्रत्याशी सनातनी होना चाहिए, धर्म या जाति की बजाय छवि व सक्रियता का पैमाना हो। शहरी पदाधिकारियों ने दोहराया की पैराशूट प्रत्याशी जीत नहीं दिला सकता। पार्षद रजनीकांत व्यास व निमिष व्यास ने कहा कि सनातनी को प्रत्याशी बनाने पर चुनाव में जीत मिलेगी।

आलोट से बौरासी का विरोध, शाम को पैनल का सुझाव
बैठक के दौरान ग्रामीण संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष की शिकायत की। वहीं, कुछ का कहना था कि कांग्रेस बाहरी नेताओं को प्राथमिकता दे रही है, ये ठीक नहीं है। बैठक में कांग्रेस के जिला महामंत्री मनोज चांवला ने युवक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बने अजीत बौरासी पर सवाल उठाए और कहा कि उन्होंने बीते चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ कार्य किया है, ऐसे में उनको कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाया जाए। चर्चा के बाद शाम को बावरिया ने सभी विधासभा की पैनल बनाने की बात कही है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned