अग्रिम जमानत निरस्ती के डर से सोनावा और ओझा ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली

अग्रिम जमानत निरस्ती के डर से सोनावा और ओझा ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली

रतलाम/नामली। नामली में हुए प्रधानमंत्री आवास योजना घोटाले के आरोपी पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र सोनावा और तत्कालीन मुख्य नगर पंचायत अधिकारी (सीएमओ) अरुण ओझा ने अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी किंतु हाल ही में इन्होंने यह याचिका इन लोगों ने वापस ले ली है। उन्हें इस बात की आशंका थी कि यहां भी उन्हें अग्रिम जमानत नहीं मिल सकती है। इसके पहले इन्होंने जिला न्यायालय और फिर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जो खारिज हो चुकी है। इन दोनों ने अग्रिम जमानत याचिका में कई बड़े वकीलों को खड़ा किया था लेकिन याचिका वापस ले ली गई। ये याचिकाएं पिछली १७ जनवरी को ही वापस ली गई है।

एसपी ने तलब की फाइलें
पुलिस जानकारों के अनुसार नामली पीएम आवास घोटाले के बाद तत्कालीन सीएमओ ओझा के भतीजे द्वारा नामली नपं से फाइलों की हेराफेरी और फिर पूर्व अध्यक्ष सोनावा और ओझा पर तालाब घोटाले को लेकर बने पुलिस प्रकरण के बाद भी इनकी गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने इस मामले की सारी फाइलें तलब कर ली है। पिछले दिनों से एसडीओपी मानसिंह चौहान भी लगातार नामली थाने और नगर पंचायत पहुंचकर फाइलों की पड़ताल कर रहे हैं। अब पुलिस अधीक्षक ने फाइलें तलब की है तो माना जा सकता है कि इस मामले में जल्द ही कुछ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

तीन माह से ज्यादा समय
नामली पीएम आवास घोटाले में पूर्व नपं अध्यक्ष सोनावा और तत्कालीन सीएमओ ओझा के खिलाफ अक्टूबर के पहले सप्ताह में धोखाधड़़ी, कूचरचित दस्तावेज और सरकारी धन की हेराफेरी का मुकदमा नामली पुलिस थाने में तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल के आवेदन पर दर्ज किया गया था। प्रकरण दर्ज होने के बाद साढ़े तीन माह बीत चुके हैं किंतु आज तक दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। आज तक पुसिस इनका पता नहीं लगा पाई है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच चल रही है। सारे दस्तावेज तहसीलदार द्वारा उपलब्ध कराए जाने के बाद भी पुलिस इस मामले में जांच ही कर रही है।
अनुसंधान चल रहा है मामले में
नामली के मामले का अनुसंधान चल रहा है। पीएम आवास घोटाले की जांच नामली टीआई कर रहे हैं जबकि तालाब घोटाले की जांच मैं स्वयं कर रहा हूं। इसकी जांच चल रही है। अनुसंधान पूरा होने के बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ होगा।
मानसिंह चौहान, एसडीओपी, रतलाम

Yggyadutt Parale Desk
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