बाप-नंबरी, बेटा दस-नंबरी की कहानी दोहराई

80 लाख रुपए की चपत देकर शहर से गायब बाप-बेटे

By: harinath dwivedi

Published: 09 Dec 2017, 12:43 AM IST

जावरा। खरीफ फसल-२०१६ के समय उज्जैन के राष्ट्रीय बीज निगम ने आलोट में कार्यक्रम किया था। इसी के तहत बीज को लेकर उज्जैन की फर्म में पिता-पुत्र ने ८० लाख रुपए के सोयाबीन बीज की हेराफेर कर धोखाधड़ी की है। बीज निगम के प्रभारी अधिकारी ने गुरुवार को आलोट में थाने पर आवेदन देकर पिता-पुत्र के विरुद्ध धोखाधड़ी करने की शिकायत की है। पुलिस ने पिता-पुत्र के विरूद्ध लिखित शिकायत को लेकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
अधिकारी ने बताया २००१.७ क्ंिवटल बीज फर्म ने बीज निगम को नहीं देते हुए लाखों रुपए की धोखाधड़ी की है और अब संपर्क करने पर मोबाइल भी बंद आ रहे हैं और पता करने पर मालूम हुआ कि वह परिवार सहित कहीं चले गए हैं। प्रभारी अधिकारी जसवीरसिंह तोमर ने बताया कि ८० लाख रुपए की लागत के २००१.७ क्ंिवटल बीज की धोखाधड़ी कृष्णा एग्रो सीड्स के संजय रावल व उनके पुत्र विश्लेष रावल ने मिलकर की है। उन्होंने मामले में पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की है।

बीज इधर से उधर किए

कृष्णा एग्रो सीड़्स के प्रोपाइटर संजय रावल व उसके बेटे विश्लेष द्वारा राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड को बीज नहीं देकर राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड द्वारा आलोट स्थिति गोदाम पर यह सूचना पहले से अंकीत की गई। उसके बाद भी संजय रावल व उसके बेटे विश्लेष रावल द्वारा बाले-बाले बीज, राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड के सत्व से इधर-उधर कर दिए, जो कि धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। यह राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड भारत सरकार का उपक्रम है और किसानों को रियायती दर पर अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराता है क्योंकि संजय रावल व उसके पुत्र विश्लेष द्वारा छल-कपट किया है, इसलिए उसे समय रहते नहीं पकड़ा गया तो भारत सरकार के उपक्रम राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड को लाखों रुपए की आर्थिक हानि उठाना पड़ेगी, जिसकी पूर्ति की जाना संभव नहीं है।

फोन रिसीव नहीं कर रहे

संजय रावल व पुत्र विश्लेष द्वारा जब राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड कार्यालय में संपर्क नहीं किया तथा लगातार संपर्क करने पर फोन पर रिसीव नहीं किए, तब राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड के अधिकारी कृष्णा एग्रो सीड्स श्रीनाथ वेयर हाऊस स्थिति आलोट पर पहुंचे तो वहां पर रावल का ताला लगा मिला। संजय रावल व उसके बेटे विश्लेष के मोबाइल पर संपर्क करने पर सभी नंबर बंद आ रहे है। कई दिनों तक प्रयास करने के बावजूद भी संपर्क नहीं हुआ। इसके बाद परिचित व मिलने वालों ने बताया कि रावल सहपरिवार लापता है।

आरोपी शहर छोड़कर गायब हो गए

राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड उज्जैन के प्रभारी अधिकारी जसवीरसिंह तोमर ने थाना प्रभारी आलोट के नाम आवेदन में लिखा कि संजय पिता बालकृष्ण रावल व विश्लेष पिता संजय रावल निवासी गोपालपुरा मक्सी रोड उज्जैन फर्म कृष्णा एग्रो सीड्स के द्वारा राष्ट्रीय बीज निगम भारत सरकार उपक्रम में फेसलिटर मोड में खरीफ-२०१६ में सोयाबीन का बीज उत्पादन का कार्यक्रम आलोट में किया था। इसमें ४४७८.१० क्विंटल असंसाधिक बीज का उपार्जन किया गया था। इसकी ग्रेडिंग मात्रा ३६७८.३० क्विटंल थी। इसमें ११०९.३२ क्विंटल बीज डिस्पेच तथा ५३३.४० क्विंटल प्रमाणित बीज ही राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड के गोदाम स्थिति मुजाखेड़ा पर शिफ्ट करवाया जा चुका था। उसके तुरंत बाद संजय रावल व उसके पुत्र विश्लेष रावल ने बाद में शेष बीज २००१.७ क्विंटल राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेेड शिफ्ट करेंगे, नहीं दिया और उक्त बीज के अफरा-तफरा कर उज्जैन शहर छोड़कर गायब हो गया।

तलाश जारी
राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड बीज उत्पादन केंद्र के प्रभारी अधिकारी जसवीरसिंह तोमर उज्जैन ने लिखित शिकायत की है। इसमें बताया कि उज्जैन के कृष्णा एग्रो सीड्स को 2500 क्ंिवटल सोयाबीन बीज आलोट से उज्जैन भेजे जाने का कार्य अगस्त 2017 में दिया था लेकिन कृष्णा एग्रो सीड्स के द्वारा मात्र 533 क्विंटल ही उज्जैन भेजा और बाकी 2001.७ क्ंिवटल नहीं भेजा। इसकी लागत करीब ८० लाख रुपए की है। पुलिस ने कृष्णा एग्रो सीड्स के मालिक संजय व पुत्र विश्लेष रावल पर अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों फरार है। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।
सुरेंद्रसिंह गडरिया, टीआई, आलोट

harinath dwivedi Editorial Incharge
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